-वर्ष 2011 में दो आरोपियों को 79 किलोग्राम भुक्की सहित किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पांच में से तीन आरोपियों को एनडीपीएस के 13 साल पुराने मामले में बरी करने का फैसला सुनाया। अदालत का कहना है कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। फाइल में कोई प्राथमिक साक्ष्य नहीं है।
इसके अलावा अभियोजन पक्ष भुक्की की सुरक्षित अभिरक्षा करने में भी विफल रहा है। लिहाजा मामले में तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव मेें बरी करने का आदेश दिया जाता है। बता दें कि 20 अप्रैल 2011 को नगरी पुलिस टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर गश्त करते सकता चक के पास तीन ट्रक चालकों को काबू किया था। ये लोग खड़े वाहनों से कुछ सामान का आदान-प्रदान कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने पुलिस को देख तो भागने की कोशिश की। पुलिस ने तीनों ट्रकों से अलग-अलग मात्रा में 79 किलो भुक्की बरामद की।
पुलिस के मुताबिक तीनों ट्रकों को हरबंस सिंह पुत्र कृपाल सिंह निवासी सावन चक, विजय कुमार पुत्र बिशंबर दास निवासी सकता चक और बलदेव राज उर्फ थंडू राम पुत्र बिशन दास निवासी गोविंदसर चला रहे थे। इनके साथ बोध राज पत्र रसाल चंद और सुरेश कुमार भी मौजूद थे। पुलिस ने हरबंस सिंह और विजय कुमार को तो पकड़ लिया। जबकि अन्य फरार हो गए। कठुआ थाना में एनडीपीएस अधिनियम में धारा 8/15/18 के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले में आरोपी बलदेव राज उर्फ थंडू राम और बोध राज के खिलाफ आरोपियों की गवाही के आधार पर सीआरपीसी की धारा 512 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। एक आरोपी बलदेव राज उर्फ थंडू राम के खिलाफ धारा 512 के तहत कार्यवाही पुलिस ने रद्द कर दी। वहीं पांचवें आरोपी के खिलाफ कोई भी आरोप पत्र दायर नहीं किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 29 नवंबर 2024 को सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों हरबंस सिंह, विजय कुमार और बलदेव राज को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया। मामले में चौथे आरोपी बोध राज के कोर्ट में पेश होने या मुकदमे का सामना करने तक रिकॉर्ड के उचित संकलन का आदेश भी अदालत ने दिया है।