कोविड-19 के मृतकों के अंतिम संस्कार से संबंधित जिम्मेदारी एडीसी तिलकराज थापा द्वारा ऑर्डर जारी कर भिन्न-भिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मियों को जिम्मेवारी सौंपी गई है। इसमें तहसीलदार बसोहली अमन आनंद और तहसीलदार महानपुर को प्रभारी बनाया गया है। खंड चिकित्सा अधिकारी अनुराधा केरनी और नगर कमेटी के ईओ पीआर सांगड़ा को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। कोविड संक्रमण से मरने वाले व्यक्तियों का शव एंबुलेंस से संस्कार वाले स्थान तक ले जाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी व नगर कमेटी के चार कर्मियों को जाना होगा, ताकि मृतक के संस्कार के बाद एंबुलेंस और संस्कार वाले स्थान की जगह को सैनिटाइज किया जा सके।
रंजीत सागर झील के नजदीक जगह चिन्हित की गई है, जहां कोविड संक्रमण से मरने वाले मृतक का संस्कार किया जाएगा। संक्रमित मृतक की पहचान के लिए परिवार के एक सदस्य को भी अनुमति दी गई है, जो मृतक की पहचान कर सकें। खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले स्वास्थ्य कर्मी, नगर कमेटी के कर्मी, मृतक के परिवार के सदस्य को उपयुक्त मात्रा में पीपी किट उपलब्ध करवाई जाए। वन विभाग की रेंज अधिकारी को संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। लकड़ी की राशि अगर मृतक के परिवार वाले देने में असमर्थ हैं, तो प्रशासन उस लकड़ी की कीमत चुकाएगा।
50 फुट दूर खड़े होंगे परिवार के सदस्य
संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य 50 फुट दूर खड़े होंगे, जिन्हें पीपी किट पहनने की जरूरत नहीं होगी। नायब तहसीलदार ड्यूटी मजिस्ट्रेट होंगे। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर आईपीसी धारा 188 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की मदद के लिए बढ़ाया हाथ
गत वर्ष संजय राजदान ने उपमंडल के लोगों में 10 हजार मास्क वितरित करने के साथ भिन्न-भिन्न इलाकों को सैनिटाइज किया था। वहीं अब मृतकों के संस्कार के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। बतौर समाजसेवी उन्होंने खुद को नामित किया है कि अगर किसी भी परिवार के सदस्य संस्कार में उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, तो वह मदद करेंगे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि इस मुश्किल घड़ी में वह टीम का गठन कर रहे हैं, जो लोग इच्छुक हों, वह उनके नंबर 9858399199 पर संपर्क कर सकते हैं, ताकि मानवता के कार्य में लोग योगदान दे सकें।