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लखनपुर के रास्ते प्रदेश में हो रहा कोरोना का स्वागत

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देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच लखनपुर कॉरिडोर में लापरवाही अब महंगी साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि देश के विभिन्न कोनों से प्रदेश में आ रहे लोगों की लखनपुर में जांच के नाम पर कुछ भी नहीं है। दरअसल लखनपुर कॉरिडोर में कठुआ जिला में प्रदेश के बाहर से आने वाले लोगों की ही जांच की जा रही है। अन्य जिलों में जाने वाले लोगों को मात्र एक फार्म भर ही प्रदेश में दाखिल होने की इजाजत मिल जाती है।
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पड़ोसी राज्य पंजाब में हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हाल के दिनों में जहां कई कंटेनमेंट जोन बनाने के साथ ही स्कूलों को बंद करवा दिया गया है, वहीं जम्मू-कश्मीर में इसे लेकिर हिदायतें सिर्फ बातों तक ही सीमित हैं। पंजाब से सटे जम्मू-कश्मीर के अंतरराज्यीय बार्डर पर जांच अब लगभग बंद हो चुकी है। अधिक रोकटोक न होने के चलते लोग मनमर्जी से आ जा रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा और भी बढ़ गया है।
रोजाना कठुआ से कई विद्यार्थी न सिर्फ स्कूलों, बल्कि पंजाब के कॉलेजों में भी आना जाना करते हैं। ऐसे में पंजाब में संक्रमण बढ़ने के बाद इन गतिविधियों पर भी सख्ती की जरूरत है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले एक महीने में ही कोरोना के संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। कोरोना मुक्त हुए कठुआ जिले में ही संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
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निजी वाहनों को जांच की छूट
लखनपुर के सूरत-ए-हाल की बात करें, तो केवल उन्हीं वाहनों से उतरने वाले लोगों की जांच होती है, जिन्हें पुलिस की ओर से रोका जाता है। जांच के दायरे में फिलहाल बसों और कैब को ही रखा गया है। रोजाना छह से आठ हजार लोगों की सैंपलिंग लखनपुर में की जा रही है। इनमें से अधिकतर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले भक्त हैं। हैरानी की बात है कि कोरोना के मामले कम होने पर दी गई ढील कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी बरकरार रखी गई है। निजी वाहनों से देश के किसी भी हिस्से से आ रहे और कठुआ को छोड़कर किसी भी अन्य जिले को अपना गंतव्य बताने वालों को प्रदेश के प्रवेशद्वार से बेरोकटोक आने जाने की अनुमति दे दी जाती है। ऐसे में कठुआ जिले में जाने वाले अधिकतर लोग भी अपना गंतव्य अन्य जिलों को बताकर कोरोना जांच से बच रहे हैं और संक्रमण के वाहक बनते जा रहे हैं।
अब तक छह लाख से अधिक सैंपलिंग लखनपुर में हुई
कोरोना जांच केंद्र लखनपुर के प्रभारी डॉ. सचिन ने बताया कि रोजाना छह से आठ हजार के बीच लोगों की जांच लखनपुर कॉरिडोर में हो रही है। वैष्णो देवी यात्रा पर जाने वाले और बस, कैब से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। अब तक छह लाख से अधिक सैंपलिंग सिर्फ लखनपुर में की जा चुकी है। मार्च महीने में लखनपुर कॉरिडोर से लगातार संक्रमित मामले आ रहे हैं। रैपिड के अतिरिक्त लखनपुर में आरटीपीसीआर सैंपलिंग भी की जा रही है।
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