पिछले कई महीनों से कोष कार्यालय का चक्कर लगा रहे ठेकेदारों ने बकाया राशि का भुगतान न किए जाने पर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। शुक्रवार को एसोसिएशन के सदस्य जिला उपायुक्त से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ठेकेदारों में शामिल पुरुषोत्तम सिंह, पंकज शर्मा, परवेश शर्मा, सुनील, अनिल कुमार, राज कुमार आदि ने कहा कि त्योहार के दौरान ठेकेदारों को घर खर्च चलाने तक में दिक्कतें आ रही हैं। नौबत यह आ गई है कि अधिकतर लोग लाखों रुपये के काम करवाकर पहले विभागों के चक्कर लगाते रहे और अब कोष कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
पंकज शर्मा ने बताया कि पीएचई, सिंचाई, लोकनिर्माण सहित अन्य विभागों के लिए ठेकेदारों ने काम किया और वर्तमान में पांच करोड़ दस लाख रुपये की राशि अटकी पड़ी है। उन्होंने कहा कि लगभग 100 ठेकेदार ऐसे हैं, जिनकी राशि अटकी हुई है और उन्हें पिछले एक महीने से कोष कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
इससे उनके त्योहारों की मिठास भी फीकी पड़ गई है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ के तहत करवाए गए कामों की बिलिंग भी नही की जा रही है, जिसका कारण फंड का अभाव बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में भागीदारी देने वाले ठेकेदारों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने दिवाली से पहले बकाया राशि जारी करने की मांग की। वहीं जिला उपायुक्त ने उन्हें जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया।