- वर्ष 2012 में दुकान में आग लगने के बाद बीमा राशि न देने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने लिया संज्ञान
अदालत से का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बीमा कंपनी को एक लाख 50 हजार रुपये के भुगतान के साथ मुआवजे में देरी के लिए नौ प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बीमाधारक को हर्जाना अदा करने का आदेश जारी किया है।
23 अप्रैल 2012 को हीरानगर के दयालाचक स्थित दुर्गा रेडीमेड गारमेंट्स में आधी रात को आग लगने से दुकान में पड़े सभी कपड़े जलकर राख हो गए थे। बीमाधारक को ओरिएंटल इंश्योरेंस बीमा कंपनी की कॉलेज रोड कठुआ शाखा ने नुकसान की भरपाई करने से इंकार कर दिया। इसके उपरांत बीमाधारक ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग मेें याचिका दायर की। अब आयोग ने मामले का निपटारा कर उक्त राशि का 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है। अगर तय समय पर भुगतान नहीं किया जाता है तो बीमा कंपनी को 12 प्रतिशत दर से हर्जाना देना होगा।
शिकायतकर्ता कंचन शर्मा पत्नी भारत भूषण ने पांच लाख रुपये के रेडीमेड स्टॉक का बीमा करवाया था। इसमें आग और विशेष संकट का जोखिम भी शामिल था। आग से हुए नुकसान की सूचना देने पर बीमा कंपनी की ओर से सर्वेयर ने निरीक्षण किया और बताया कि डेढ़ लाख का नुकसान ही हुआ है। बार-बार अपील के बाद भी बीमा का भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई 2013 में अदालत की शरण ली। लगभग 10 साल तक कोर्ट में मामला चलने के बाद 15 मार्च 2023 को केस जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में पहुंचा।
आयोग के अध्यक्ष एमएस परिहार और सदस्य नीलम बाला भारद्वाज ने 24 अक्तूबर 2024 को बीमा कंपनी को मुआवजा के साथ सर्वेक्षक की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की तिथि 11 दिसंबर 2012 से दो माह बाद से भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत वर्ष की दर से हर्जाना देने का आदेश दिया। ये भी कहा कि बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को मुकदमे के खर्च के रूप में पांच हजार रुपये का भी भुगतान करेगी।