मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में एक आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश में आरोपी को 50 हजार का निजी मुचलके सहित समान राशि के एक जमानती को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को मामले में चल रही जांच में सहयोग करने और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करने का आदेश दिया है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार हरेश देव पर आरोप है कि 21 अप्रैल 2025 की रात को उसने अन्य आरोपियों ईशु, अजय सिंह के अलावा सात-आठ हथियारबंद लोगों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमला किया था। इसमें शिकायतकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। मामला रात नौ बजे का है जब आरोपी अजय सिंह ने शिकायतकर्ता को फोन कर घर से बाहर बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता घर के बाहर आया तो उस पर आरोपियों में हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें हरेश देव भी शामिल था। इसके अलावा हमलावरों ने शिकायतकर्ता की सोने की चेन भी छीन ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस थाना बनी में सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
25 अगस्त को आरोपी ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर रिहाई की मांग की। आरोपी के वकील का कहना था कि उसके मुव्वकिल को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है और बताया कि उसका मुव्वकिल बीते 22 अगस्त से पुलिस हिरासत में है। वहीं, पुलिस की पूछताछ भी पूरी हो चुकी है और पुलिस को और अधिक उसकी हिरासत की जरूरत नहीं है। जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। कहा कि मामले में जांच अभी जारी है। जबकि मामले में अन्य आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे में अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो अभियोजन पक्ष के प्रभावित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि आरोपी 22 अगस्त से हिरासत में है और मामले में मुख्य अभियुक्त ईशु और अजय सिंह पहले ही जमानत पर हैं। पीड़ित का बयान भी दर्ज हो चुका है। ऐसे में आरोपी की निरंतर हिरासत का कोई विशेष उद्देश्य नहीं रह गया है। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया है।