सीमावर्ती गांव रठुआ में शनिवार को शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के आगे की भूमि का मुआवजा और पुरानी तारबंदी को हटाने की मांग रखी। बिजली, पेयजल और खराब सड़कों के मामले भी उठाए गए। एसडीएम फूलेल सिंह ने सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
शिविर में ग्रामीणों ने कहा कि तारबंदी के आगे की भूमि का उन्हें अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है और न ही वहां पर खेती-बारी हो रही है। ग्रामीणों ने कहा या तो इन जमीनों का मुआवजा दिया जाए या फिर गांव के आसपास सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा लोगों ने बिजली आपूर्ति, पेयजल, ग्रामीण संपर्क मार्ग की खस्ताहाल स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। पूर्व पंच वरिंदर कुमार ने कहां कि गांव में पेयजल आपूर्ति की पाइपों की हालत खस्ता हो चुकी है। जगह-जगह लीकेज के कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
एसडीएम ने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनका समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। तारबंदी के आगे की जमीन के मुआवजे और पुरानी तारबंदी को हटाने की मांग पर उन्होंने कहा वह इस बाबत उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।