10 अगस्त को जुथाना में भूस्खलन की चपेट में आई थी 5वीं की छात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मानवता का परिचय देते हुए एक बार फिर सेना देवदूत बनकर सामने आई है। राजबाग के जुथाना में भूस्खलन की चपेट में आने से 10 वर्षीय ज्योति देवी ने अपनी एक टांग गंवा दी थी। परिवार ने उसके चलने की उम्मीद खो दी थी। इसी बीच सेना ने पुणे स्थित आर्मी अस्पताल में ज्योति को कृत्रिम टांग लगवाकर उसे नई जिंदगी दी है।
ज्योति ने बताया कि उसे सबसे ज्यादा खुशी तब हुई जब वह अपने पैरों पर दोबारा राजकीय प्राइमरी स्कूल जुथाना पहुंची। वह पढ़ना चाहती है। पिता जोगिंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद उन्होंने बेटी के ठीक होने की उम्मीद ही छोड़ दी थी लेकिन सेना ने सामने आकर और दो महीने की मशक्कत के बाद बेटी को फिर चलने लायक बनाया है। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उपचार और कृत्रिम टांग लगवाना संभव नहीं हो पा रहा था। इसकी सूचना मिलते ही सेना ने तुरंत पहल की। पहले आर्मी अस्पताल पठानकोट में उपचार दिया। उसके बाद पूणे के अस्पताल में दो महीने के इलाज के बाद उसे चलने लायक बनाया है। परिवार ने आभार जताते हुए कहा कि सेना ने उनकी बेटी को नया जीवन दिया है। वहीं नायब सरपंच जुथाना सुदेश गुप्ता ने भी सेना के इस मानवीय कदम की सराहना की है।