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हादसों के बाद भी सबक नहीं, कालीबड़ी चौक पर खतरा अधिक

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कठुआ। शहर में एक महिला, नौ वर्षीय बच्ची और पुलिसकर्मी की बस से कुचलकर हुई मौत के बाद भी महकमे ने सबक नहीं लिया है। दो दिन पहले ही हुए हादसे के बाद भी यातायात विभाग, पुलिस, एमवीडी या प्रशासन की ओर से कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। कठुआ शहर से होकर गुजरने वाली बसों को हटली मोड़ के रास्ते डायवर्ट करने के बाद भी उनकी गति नियंत्रण से बाहर है। न तो ये बसें स्टॉप पर रुकती हैं और न ही हाईवे की सर्विस लेन का इस्तेमाल करती हैं। कायदे से जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर अवरोधक नहीं होने चाहिए। यहां वाहनों की गति को नियंत्रित कर पाना मुश्किल होता है। लेकिन हटली मोड़ से ही हालात ऐसे बन जाते हैं कि बसें हाईवे के बीचों बीच रुकती हैं। जिसमें सबसे ज्यादा खतरे की घंटी कालीबड़ी चौक पर रहती है।
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कायदे से सुबह आठ बजे से ही यातायात कर्मियों को सड़क पर उतरकर ट्रैफिक को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी रहती है, मगर सोमवार को स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों की भागदौड़ के बीच यातायात कर्मी साढ़े नौ बजे तक नदारद रहे। शहर में दाखिल होने वाली मिनीबस और ऑटो सेवा अव्यवस्थित होकर सड़क के बीचों बीच ब्रेक लगाकर सवारियां चढ़ातीं रहीं। जंगलोट मोड़ की ओर जाने वाले वाहन कालीबड़ी चौक से ही गलत दिशा में जाते नजर आए। जम्मू से आने वाली बसें, शहर से निकलने वाले ऑटो और मिनी बसें कालीबड़ी चौक के बीचों बीच खड़े दिखाई दिए। इतना ही काफी नहीं जम्मू-कठुआ बस सर्विस हाईवे पर रुककर हाईवे पर दाखिल होने वाले वाहनों के लिए हादसों और जाम का सबब बनती रहीं। सुबह इन डेढ़ घंटे के बीच ही कई वाहनों की टक्कर हुई तो कई दुपहिया वाहन चालक सड़क पर गिरते आगे बढ़े। इन सबके बीच यातायात विभाग की ओर से प्वाइंट पर तैनात कर्मचारी नदारद मिले।
सर्विसलेन से कौन हटाएगा अतिक्रमण
कठुआ शहर से निकलते ही मिनी बसों से लेकर ऑटो हाईवे के बीचोंबीच रुकती हैं। यातायात विभाग की ओर से इन बसों को सर्विसलेन में डायवर्ट ही नहीं किया जाता है। वहीं शहर में सड़क किनारे खड़े रहने वाले वाहनों पर महीने में एक-दो बार ही कार्रवाई के लिए क्रेन आती है। यही वजह है कि जंगलोट मोड़ से लेकर कालीबड़ी चौक तक हाईवे की सर्विसलेन पार्किंग यार्ड बन चुकी है। शहर से निकलते ही कालीबड़ी चौक से लेकर सहार खड्ड पुल तक हालात ऐसे ही रहते हैं। खासकर निजी अस्पताल के बाहर खड़े रहने वाले वाहन, या दुकानों से लोडिंग अनलोडिंग करवाते रेहड़े सर्विसलेन पर धौंस जमाए रहते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि सर्विसलेन से अतिक्रमण कौन हटवाएगा। मामला एसएसपी ट्रैफिक रूरल मोहन लाल कैथ के संज्ञान में भी लाया गया। आश्वासन के बाद भी आदेश कठुआ में लागू नहीं हो सका हैं।
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हाईवे की सर्विसलेन तंग है। किनारे पर ही लोगों के घर हैं। ऐसे में बसों को सर्विसलेन से डायवर्ट नहीं किया जा सकता है। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए प्रयास जारी रहते हैं। - घनश्याम सिंह, डीटीआई कठुआ
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