नियमित किए जाने के साथ-साथ अन्य मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। मंगलवार को दर्जनों सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के जिला प्रधान सोमराज ने कहा कि भले ही पिछले 8 दिनों से जारी हड़ताल अभी तक किसी अंजाम पर नहीं पहुंची है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि सफाई कर्मचारियों के हौसले कम हुए हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में इस समय 36 म्यूनिसिपल कमेटियों में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
उधर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में गंदगी के ढेर लग गए हैं। शहर की सड़कें गलियां और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन मुश्किल होने लगा है। इससे स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति रोष है। वार्ड दस के दुकानदार योगराज शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की मांग पूरी तरह से जायज है। किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 7 साल तक अस्थायी कर्मचारी के तौर पर रखने का प्रावधान है। लेकिन जम्मू कश्मीर के अलग-अलग विभागों में इस पर अमल नहीं हो रहा है।
मुखर्जी चौक स्थित दुकानदार बृजमोहन ने कहा कि लोग गली मोहल्लों में कचरे के ढेर से परेशान हैं। प्रशासन व नगर परिषद को इस समस्या का हल निकालने के लिए जल्द प्रयास करना चाहिए। कॉलेज रोड स्थित दुकानदार सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि अगर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो भी नगर परिषद पहल कर मशीनों से जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों को हटा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।
शहीदी चौक स्थित दुकानदार अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल करते हैं। हर बार सरकार उन्हें आश्वासन की घुट्टी पिलाकर हड़ताल स्थगित करवा देती हैं। अगर सरकार ने सफाई कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर लगाया है, तो उसके पास ऐसे प्रावधान भी होने चाहिए कि उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए इस तरह हड़ताल पर ना जाना पड़े।