कठुआ। करीब आठ वर्ष पूर्व कालीबड़ी से हटली मोड़ सड़क के विस्तारीकरण के दौरान पैदल राहगीरों के लिए बनाया गया फुटपाथ अब सिर्फ सड़क की सीमा रेखा तय करने तक ही सीमित रह गया है। करीब छह किलोमीटर लंबी शहर की इस मुख्य सड़क पर कही दुकानें सज रही है और कही पार्किंग, कहीं डस्टबिन और अगर कहीं जगह बचती भी है तो उसकी लंबे समय से सुध न लिए जाने से स्थिति खराब है।
नगर परिषद और लोक निर्माण विभाग की खींचतान के बीच फंसे फुटपाथ की हालत ऐसी हो गई है कि इस पर आम लोगों ने चलना तक छोड़ दिया है और वह जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलने को मजबूर हैं। हालत यह है कि यह शहर के अधिकतर फुटपाथ अतिक्रमण की जद में आ चुके हैं और यह फुटपाथ न होकर दुकानदारों के शोकेस बन चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी सब कुछ जानकर भी बेपरवाह हैं।
रेहड़ी-फड़ी और दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के बाद बचे स्थान पर अवैध पार्किंग
शहर की इस मुख्य सड़क के किनारे सैकड़ों दुकानें सजती हैं। वहीं, पक्की दुकान के मालिकों द्वारा भी दुकान का सामान बाहर फुटपाथ पर लगाया जाता है। कई स्थानों पर नगर परिषद ने खुद ही कचरे को रखने के लिए डस्टबिन लगाए हैं। इसके आलावा फुटपाथ पर जहां-तहां वाहन खड़े रहते हैं। जिससे इस पर अतिक्रमण का दायरा कम होने के बजाए बढ़ता चला जा रहा है।
पैदल राहगीरों के लिए आफत बना फुटपाथों पर अवैध कब्जा
शहर में शहीदी चौक, मुखर्जी चौक, जराई चौक, ओल्ड बस स्टैंड के अलावा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समीप, ओल्ड सुपर बाजार आदि स्थानों पर फुटपाथ पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में हैं। सड़क के दोनों ओर बने फुटपाथ पर अवैध कब्जा कर दुकानदार अपना धंधा चला रहे हैं। सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ते ही सबसे ज्यादा पैदल चलने वाले लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथों पर हुुआ अवैध कब्जा किसी आफत से कम नहीं है।