कठुआ। कोरोना महामारी के बीच शुरू हुए त्यौहारी सीजन में एक बार फिर ग्राहकों की रौनक से बाजार गुलजार हो गए हैं। कई महीनों तक छाई वीरानी के बाद करवाचौथ से पहले बाजारों की रौनक देखते ही बनती है। लेकिन इस बीच कोरोना के लिए सरकार के नियमों और निर्देशों की धज्जियां भी सरेआम उड़ाई जा रही हैं।
सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर सुबह से लेकर शाम तक महिलाओं की भारी भीड़ नजर आ रही है। तरह-तरह के सौंदर्य प्रसाधन और चूड़ियों से लेकर महिलाओं को जेवर भी आकर्षित कर रहे हैं। लंबे अर्से बाद बाजार में आई रौनक से व्यापारी वर्ग भी खुश है, क्योंकि मार्च महीने के बाद खास तौर पर महिलाओं की ओर से होने वाली खरीदारी में भारी कमी आई थी। ऐसे में करवाचौथ में व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। कठुआ के मुख्य बाजार में सजने वाला मेंहदी आर्टिस्ट का बाजार भी सज गया है। साज सज्जा से लेकर फैनियों और मिठाईयों की खरीदारी भी शुरू हो गई है। खासकर नव विवाहिताओं के लिए यह त्यौहार विशेष रहता है। ब्यूटी पार्लरों में भी महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। कुल मिलाकर त्यौहार के नजदीक होने का असर साफ दिखाई देने लगा है। कोरोना का खौफ भूलकर विशेषरूप से महिलाएं इस त्यौहार के लिए जमकर खरीदारी कर रही हैं।
करवाचौथ पर इस बार महंगाई का साया
इस बार करवाचौथ के त्यौहार पर महंगाई का साया है। कोरोना के चलते बाजारों में जहां पहले मंदी थी, वहीं उत्पादों के दामों में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है। महिलाओं के अनुसार त्यौहारों के उत्साह पर बिगड़ता बजट भारी पड़ रहा है। कपड़ों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। वहीं, खाद्य पदार्थों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। इसके अलावा साज-शृंगार की सामग्री भी महंगाई की मार से अछूती नहीं है। बाजार में करवाचौथ की खरीदारी के लिए पहुंची नीरू शर्मा, अदिती, संध्या, अर्पिता और अर्शी ने बताया कि पहले लोग त्योहार, व्रत और अन्य समारोह को बड़ी धूमधाम से मनाते थे। इसके लिए पहले से बजट तय कर लेते थे, लेकिन इस बार हर परिवार का बजट गड़बड़ा गया है। करवाचौथ के व्रत पर कपड़े, चूड़ियां, साज-सज्जा का सामान, नारियल और खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर अन्य सामानों के दाम काफी बढ़ गए हैं। बेटियों को सरगी भेजना इस बार काफी महंगा हो गया है। उसपर कोरोना ने पहले ही लोगों के बजट पर मार की है।