क्वाड पनबिजली परियोजना का चल रहा काम
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2035 तक तैयार हो जाएंगी सावलाकोट, दुलहस्ती चरण दो और उड़ी 1 चरण दो परियोजनाएं
केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में तीन और बड़ी परियोजनाओं को अमली जामा पहनाने का काम शुरू करवा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चिनाब नदी पर बनने जा रही 1856 मेगावॉट सावलाकोट परियोजना, 260 मेगावॉट दुलहस्ती चरण दो परियोजना के अलावा उड़ी एक चरण दो 240 मेगावॉट पनबिजली परियोजनाओं के लिए अलग अलग चरण में निविदा प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। दावा है कि 2035 से पहले यह परियोजनाएं प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में 23 सौ मेगावाट से अधिक का इजाफा कर देंगी।
पक्कलदुल परियोजना का चल रहा निर्माण
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किरथई एक और किरथई दो को लेकर भी बढ़ सक्रियता
सिंधु जलसंधि के स्थगित होने के बीच चिनाब और इसकी सहायक नदियों पर बांध बनाने को लेकर प्रक्रिया में पाडर से सटे किरथई में चरण एक की 390 मेगावाट और 820 मेगावाट की किरथई चरण दो पनबिजली परियोजना को लेकर भी मसौदा तैयार हो रहा है। यह परियोजनाएं फिलहाल व्यवहार्यता अध्ययन के चरण में हैं। सूत्रों ने बताया कि केंद्र की रूची बडसर, बरिनियम, शमनोट और शौस पनबिजली परियोजनाओं को लेकर भी है। जो प्रदेश के बिजली उत्पादन क्षमता को 15 हजार मेगावाट से अधिक कर देंगी। कुल 18 हजार की क्षमता के दोहन के लिए केंद्र लघु पनबिजली परियोजनाओं को बढ़ावा देने जा रहा है।
रतले पनबिजली परियोजना का चल रहा काम
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जम्मू कश्मीर की कुल 18 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता को हासिल करने के लिए काम किया जा रहा है। फिलहाल व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं निमार्णाधीन और टेंडरिंग चरण में हैं। अगले तीन वर्ष में जम्मू कश्मीर में बिजली का उत्पादन वर्तमान में हो रहे उत्पादन से दोगुणा हो जाएगा। राहुल यादव, प्रबंध निदेशक, जम्मू कश्मीर पॉवर कारपोरेशन