आतंकी हमलों के साथ-साथ पशु तस्करी और चोरी के लिहाज से संवेदनशील बने चुके कठुआ जिले को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने तीसरी आंख को तैनात कर दिया है। मंगलवार को इस क्रम के पहले चरण का काम शुरू कर दिया गया।
पहले चरण में सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ पुलिस थाने, शहर के मुख्य चौक चौराहों को रखा गया है। इन सभी स्थानों पर सीसीटीवी तैनात किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में आतंकी हमलों और चोरी व पशु तस्करी की बढ़ती वारदातों के कारण कठुआ जिला अति संवेदनशील हो गया है।
ऐसे में पुलिस ने तीसरी आंख को निगरानी के लिए तैनात कर दिया है। मंगलवार को शहर के मुखर्जी चौक, हटली मोड़ चौक, कालीबड़ी चौक पर सीसीटीवी लगा दिए गए।
इसके साथ ही पहले चरण में जिले के सभी पुलिस थानों के बाहर भी सीसीटीवी तैनात किए जा रहे हैं। वहीं शहर को आने वाले विभिन्न रास्तों पर जहां भी पुलिस नाके लगाए हैं वहां भी सीसीटीवी लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
इतना ही नहीं सीमावर्ती इलाकों से हाईवे की ओर आने वाले रास्तों पर भी पुलिस नाके पर सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। इनमें दियालाचक, कोनपुन्न, गूंद नाका नगरी पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
यानि अब पुलिस की निगरानी में सीमावर्ती इलाकों से लेकर शहर और विभिन्न संवेदनशील रास्ते भी रहेंगे। सभी सीसीटीवी के नियंत्रण के लिए अलग से कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।
बताते चलें कि जिला पुलिस प्रशासन ने लौंडी मोड़ में चौकी बनाकर जिला की सीमा को तीसरी आंख की निगरानी में रखने से इस प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी।
ट्रायल के तौर पर शुरू हुए इस प्रोजेक्ट से मिली सफलता के बाद ही अब इस प्रोजेक्ट को जिला भर में पूरा करने के लिए काम शुरू हो चुका है। गौरतलब है कि लौंडी मोड़ में बुलेट प्रूफ टावर के साथ-साथ पुलिस कर्मचारियों के रहने के लिए भी बुलेट प्रूफ हट बनाई गई हैं।