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Kathua News: काॅजवे पर नहीं है चाहरदीवारी, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

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कठुआ। शेरपुर खड्ड पर बने काॅजवे के साथ सुरक्षा दीवार न होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। करीब 15 साल पहले बने इस काॅजवे पर निर्माण के समय जो सुरक्षा के लिए पिलर बनाए गए थे, वे भी अब ध्वस्त हो चुके हैं। ऐसे में काॅजवे से अब किसी भी वाहन के नीचे गिरने की संभावना बढ़ गई है।
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बरसात के दौरान खड्ड में आने वाले पानी के तेज बहाव से ओल्ड सांबा-कठुआ मार्ग पर पड़ने वाली बड़ाला, चक गदाधर, जखबड़, पडियारी, कल्याणपुर, सुमवां और बिगवां पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से चन्नग्रां पंचायत से सटकर बहने वाली खड्ड और शेरपुर खड्ड पर काॅजवे का निर्माण किया गया था। करीब डेढ़ दशक पहले हुए निर्माण से लोगों की आने-जाने की सहूलियत तो बढ़ी है लेकिन वहां किसी भी सुरक्षा दीवार का निर्माण न किए जाने से दुर्घटनाओं की शंका भी बढ़ती जा रही है।
छह पंचायत के हजारों लोगों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले काॅजवे पुल का निर्माण के समय वहां सुरक्षा के लिए पिलर का निर्माण किया गया था लेकिन समय के साथ अब उन पिलरों का अस्तित्व भी खत्म होने लगा है। इस समस्या का समाधान करने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व चन्नग्रां खड्ड के काॅजवे पर पाइपों से सुरक्षा दीवार तैयार कर दी गई लेकिन शेरपुर खड्ड पर कोई निर्माण नहीं हो पाया है। लोगों ने उक्त काॅजवे पर सुरक्षा का इंतजाम किए जाने की मांग की है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार सुरक्षा दीवार न होने का परिणाम यह रहा है कि करीब 10 वर्ष पहले यहां से गिरकर एक महिला की मौत हो चुकी है। गत वर्ष भी मोटरसाइकिल सहित पानी में गिरने से एक बिजली विभाग का कर्मचारी भी अपनी जान गवां चुका है। करीब एक सप्ताह पूर्व एक कार भी यहां से गिरकर चकनाचूर हो गई थी। गनीमत रही कि कार में सवार कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ था। इसके अलावा भी कई अन्य दुर्घटनाएं यहां हो चुकी हैं।
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आज से 10 वर्ष पूर्व महिला की मौत के बाद से ही पुल पर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की गई थी लेकिन लोक निर्माण विभाग ने काॅजवे पर सुरक्षा दीवार के निर्माण का प्रावधान नहीं होने का हवाला देते हुए इससे पल्ला झाड़ लिया था। अब जिस तरह से चन्नग्रां खड्ड पर पाइपों से सुरक्षा प्रदान की गई है। उसी तरह का प्रावधान शेरपुर काॅजवे के लिए भी किया जाना चाहिए।
-यशपाल रैना पूर्व सरपंच बडाला

क्षेत्र की आबादी बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है। अब तो इस सड़क पर काफी बड़े-बड़े वाहनों को भी दौड़ते हुए देखा जा सकता है। लिहाजा इस इलाके में रहने वाली 30 से 40 हजार की आबादी की सुरक्षा को देखते हुए इंतजाम करने की जरूरत है क्योंकि जिला मुख्यालय तक जाने का लोगों के पास यही मार्ग है।
-शुभकरणी, पूर्व सरपंच बडाला
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लोगाें के आवागमन के इस प्रमुख मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम का होना लाजिमी हैं, जो कि अब तक फिलहाल नहीं देखने को मिला है। काॅजवे के निर्माण को अब एक साल का समय बीत रहा है। इस बदलते परिदृश्य में सड़क पर आवागमन का दबाव भी बढ़ रहा है लेकिन वहां काॅजवे पर सुरक्षा का इंतजाम का न होना कई बार अखरता है। लोक निर्माण विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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-रोहित शर्मा, पूर्व नायब सरपंच चन्नग्रां



काॅजवे पर किसी भी तरह के निर्माण की फिलहाल कोई योजना अभी नहीं है। अगर वहां लोगों की ओर से कोई मांग आती है तो विभाग उस पर विचार कर सकता है।
-महेश शर्मा, सहायक कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग कठुआ।
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