तापमान बढ़ने के बीच इस बार जल्दी बढ़ेगी सिंचाई के लिए पानी की मांग
कठुआ। कठुआ कैनाल सहित जिले की तमाम नहरों की सफाई का काम शुरू हो गया है। मार्च महीने के पहले सप्ताह में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नहर की सफाई का काम युद्धस्तर पर जारी है।
जानकारी के मुताबिक मार्च के पहले सप्ताह में कठुआ कैनाल सहित अन्य सहायक नहरों में पानी छोड़ा जाना है। इसकी तैयारियां विभाग की ओर से कर ली गई हैं। विभाग ने अब तक लगभग 90 लाख रुपये की लागत से इस साल नहरों से गाद निकालने का काम करवाया है। इसके लिए अलग-अलग फर्मों को 32 टेंडर अलॉट किए गए हैं।
बता दें कि अमूमन सिंचाई विभाग की ओर से नहरों में वैसाखी पर ही पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इस बार जल्दी पानी छोड़ा जाएगा। यह इलाके की 8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करेगी। जिले में कठुआ कैनाल के अलावा छोटी-बड़ी दर्जनों नहरें हैं। इसमें कठुआ शहर के बीचोबीच से होकर गुजरने वाली कठुआ कैनाल इनमें सबसे महत्वपूर्ण है। करीब 17 किलोमीटर लंबी इस नहर से मिलने वाले पानी से 8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होती है, जबकि इस नहर के साथ लगभग 48 किलोमीटर लंबी कूहलें भी जुड़ी हैं।
हर साल नहरों में पानी छोड़ने की प्रक्रिया विभाग द्वारा बदलाव करते हुए इसे 13 अप्रैल के बजाय मार्च महीने के अखिरी सप्ताह में छोड़ दिया। इस वर्ष सर्दी के मौसम में काफी कम हुई बारिश को देखते हुए विभाग ने मार्च महीने के पहले सप्ताह में सफाई के काम को पूरा करवाने में लगा है। इस बार एक महीने पहले पानी छोड़ा जा रहा है।
विदित रहे कि कठुआ कैनाल से एक हजार से ज्यादा किसानों को सिंचाई के लिए साल भर पानी मिलता है। इसके चलते कठुआ क्षेत्र में नहर की सिंचाई सुविधा होने से इसे कृषि के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। सबसे ज्यादा किसानों को सब्जी की सिंचाई के लिए इस समय पानी की जरूरत पड़ती है।
कोट
मौसम में आए बदलाव के कारण गत वर्ष से नहर में पानी छोड़ने के समय में बदलाव किया गया था। इस बार भी बारिश कम हुई है। ऐसे में निर्धारित समय से पहले नहर को पूरी तरह से पानी छोड़े जाने के लिए उपयुक्त बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। 90 लाख की खर्च से नहर की सफाई का काम मार्च महीने के पहले सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।
राजीव शर्मा, कार्यकारी अभियंता
सिंचाई विभाग कठुआ