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Kathua News: कठुआ रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ जयघोष, डोगरी भजनों से मंदिर में बदली आस्था स्पेशल

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कठुआ। 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि में हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से देश-विदेश से रामलला के दर्शन करने के लिए भक्तों के अयोध्या धाम पहुंचने का सिलसिला जारी है। अयोध्या जाने वाली बसों, रेल और हवाई जहाजों में हर जगह भक्तों का उत्साह देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कठुआ से भी 250 श्रद्धालुओं का जत्था रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना हुआ। भक्तों के उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दोपहर एक बजे कठुआ से जाने वाली ट्रेन संख्या 04606 आस्था स्पेशल को पकड़ने के लिए भक्त सुबह 10 बजे से ही कठुआ रेलवे स्टेशन पहुंचना शुरू हो गए थे। इस दौरान हर ओर सिर्फ जय श्रीराम का घोष ही सुनाई दे रहा था। ट्रेन को आने में देर को देखते हुए भक्तों ने रेलवे स्टेशन पर ही भजन कीर्तन शुरू कर दिया। इससे रेलवे स्टेशन का वातावरण राममय हो गया। करीब एक बजे कठुआ रेलवे स्टेशन पर जब घंटों इंतजार के बाद आस्था स्पेशल पहुंची तो वहां मौजूद भक्त खुशी से झूम उठे और उत्साह के साथ प्रभु का जयघोष करने लगे। ट्रेन में सवार होने के बाद तो माहौल ऐसा हो गया, मानो रेल एक मंदिर बन गया। इस दौरान ढोल और चिमटे की खनक के साथ कभी डाेगरी तो कभी हिंदी भजनों की बरसात होने लगी। इस दौरान मेला लग्गा पाडरे दा मिंजो भी लै चल नाल और माई नी तेरे कुंडलूआं-कुंडलूआं बाल पर तो हर भक्त झूमता दिखा।
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यात्रा के समय भी मिला घर जैसा खाना
दोपहर एक बजे चली आस्था स्पेशल अभी पठानकोट भी नहीं पहुंच पाई थी कि सभी यात्रियों को भोजन परोसा गया, जिसमें दाल सब्जी चावल रोटी अचार दही के साथ मिठाई भी मिली। वहीं पीने के लिए मिनरल वाटर की बोतल उपलब्ध कराई गई, वहीं शाम 4:00 बजते ही चाय और रात का भोजन भी इसी तरह सात्विक ही रहा। इसके चलते प्रभु श्रीराम के दर्शन करने जा रहे यात्रियों ने खुशी जताई। यात्रा में शामिल रामपाल शर्मा ने बताया कि ट्रेन में जिस तरह उन्हें भोजन मिला है, वह काफी अच्छा था। अभी दो बार और इस यात्रा के दौरान उन्हें यह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। अगर इसी तरह की गुणवत्ता रहती है तो यह काफी बेहतरीन है।
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बोगी संख्या एस-19 में सवार रामभक्त यशोदा जसरोटिया ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के दर्शन की यह यात्रा उनके जीवन का वह सौभाग्यशाली समय है। इसमें वह पूरी तरह से भगवान को समर्पण भाव से याद कर रही हैं ताकि भगवान उनके जीवन को अर्थमय बनाने का आशीष प्रदान करें।
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कठुआ से जाने वाले भक्तों के जत्थे के संयोजक राहुल देव शर्मा ने बताया कि रामलला के भक्तों को उनका दर्शन करवाने के लिए ले जाने वाली आस्था स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से जम्मू संभाग के 1584 भक्तों के लिए जम्मू से अयोध्या के लिए रवाना हो रही है। इसमें कठुआ जिले से 250 भक्त शामिल हैं। उन्हें चार दिनों की यात्रा के माध्यम से प्रभु श्रीराम के बाल रूप विग्रह का दर्शन पाने का सौभाग्य मिल रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए विशेष रूप से आस्था स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी सुविधा के माध्यम से वह लोग भी रामलला का दर्शन कर रहे हैं, जो किन्ही कारणों से इतनी लंबी यात्रा नहीं कर पाते हैं।


आस्था स्पेशल से अयोध्या की यात्रा पर अपनी पत्नी विशनो देवी के साथ निकले 71 वर्षीय कुलदीप कुमार केसर ने बताया कि करीब आठ वर्ष पूर्व भी वे अयोध्या गए थे। तब उन्होंने रामलला के दर्शन एक टेंट में ही किए थे। अब न्यायालय के आदेश के बाद भगवान का भव्य मंदिर बना है तो उसका दर्शन करने की आकांक्षा थी। लिहाजा अब एक बार फिर से उनके कदम रामलला का दर्शन करने के लिए अयोध्या की ओर बढ़ रहे हैं।


रामलला के दर्शन करने के लिए आस्था में सवार युवा रोहिन सिंह अंदोत्रा ने बताया कि वह पहली बार अयोध्या जा रहे हैं। पहले कभी अयोध्या जाने का न अवसर आया और न कभी इतनी इच्छा हुई लेकिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से लगातार आ रहे समाचारों के कारण उनका कौतूहल बढ़ा और अब वह पूरे जत्थे के साथ यात्रा में शामिल हुए हैं। यात्रा अभी शुरू हुई है लेकिन अभी से जिस तरह का माहौल बना है, वह हमें काफी आनंदित कर रहा है। प्रभु श्रीराम के दरबार में पहुंचने पर तो यह अपने चरम पर होगा।

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सुनीता वर्मा ने बताया कि उन्हे जीवन में उत्तर प्रदेश के कई धार्मिक स्थलों को देखने का अवसर मिला लेकिन कभी भी अयोध्या जाना नहीं हुआ था। प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के बाद पूरे देश से भक्त रामलला का दर्शन करने के आ रहे हैं। ऐसे में खुद जाकर वहां भगवान के मंदिर को देखने के साथ मंदिर में विराजमान बालरूप श्री राम का दर्शन पाने की आकांक्षा बढ़ी और अब यात्रा का हिस्सा बनी हूं। यह शायद अब तक का सबसे सुखद मौका है।

शिवानगर निवासी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पांच सौ साल के संघर्ष के बाद प्रभु श्रीराम के भक्तों को उनके ईष्ट का भव्य मंदिर बनाने का मौका मिला है। अभी मिली खबरों के मुताबिक वहां भक्तों का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार द्वारा भक्ताें की सहूलियत देने के लिए अगर आस्था स्पेशल की व्यवस्था की गई है तो हमें भी दर्शन का सौभाग्य मिला है। इससे उनका पूरा परिवार खुश है।

बीसलपुर के रामलीला मैदान पर प्रवचन देते घट-घट वासी । संवाद

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