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Kathua News: छात्रों को ट्रैफिक नियमों, नशे और साइबर ठगी से बचने का पढ़ाया पाठ

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कठुआ। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कठुआ पुलिस के सहयोग से टायनी स्कॉलर स्कूल में ''पुलिस की पाठशाला'' का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को ट्रैफिक नियमों, नशे के दुष्प्रभाव और साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक किया गया। स्कूल प्रिंसिपल पल्लवी हंस के नेतृत्व में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डीटीआई कठुआ वरिंदर सिंह और चेयरमैन नरेश कुमार पहुंचे। उन्हाेंने कार्यक्रम का आगाज किया। इस दौरान डीटीआई वरिंदर सिंह ने विद्यार्थियों से कई प्रश्न पूछे। वहीं, विद्यार्थियों ने भी डीटीआई से कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने जवाब दिया और बच्चों की जिज्ञासा को दूर किया। स्कूल चेयरमैन नरेश कुमार, प्रिंसिपल पल्लवी हंस और उपप्रधानाचार्य पूजा गुप्ता ने इस विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कठुआ पुलिस और अमर उजाला फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।
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सड़क हादसे में हर तीन मिनट बाद जा रही कीमती जान
डीटीआई वरिंदर सिंह ने बच्चों को बताया कि देश भर में हर तीन मिनट में एक कीमती जान सड़क हादसे में जा रही है। इनमें से अधिकतर हादसे ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों की बदौलत होते हैं। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चे वाहन न चलाएं। लाइसेंस बनने के बाद ही वाहन चलाने के बारे में विचार करें। इसके अलावा, माता-पिता और सगे संबंधियों, दोस्तों को भी बिना हेलमेट वाहन चलाने से रोकें। उन्होंने बताया कि नाबालिग बच्चों को ड्राइविंग करते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना और पिता को 3 से 6 महीने की कैद का प्रावधान रखा गया है। डीटीआई ने बताया कि स्कूली वाहनों के लिए भी गाइडलाइन काफी सख्त है। इन वाहनों पर स्कूल, ट्रैफिक पुलिस का नंबर अनिवार्य है। इसके अलावा, बस में अटेंडेंट, जीपीएस होना चाहिए। सीट के नीचे स्कूल बैग रखने के लिए जगह होनी चाहिए। ओवर स्पीड के चालान के बाद कोई भी व्यक्ति स्कूली वाहन चलाने के लिए अयोग्य हो जाता है। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन जारी हो चुकी है।
डीटीआई वरिंदर सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चे देश का भविष्य होते हैं। युवा अपनी मानसिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए गलत लोगों की बातों में आकर नशे का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आपका कोई साथी नशे के लिए प्रोत्साहित करे तो उससे दूरी बना लेनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि साइबर ठग कई तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसके लिए लॉटरी, ऑफर और डिस्काउंट का लालच देकर और सरकारी विभागों द्वारा कार्रवाई का खौफ दिखाकर ठगी करना अधिक प्रचलन में है। डीटीआई वरिंदर सिंह ने कहा कि किसी भी माध्यम (इंटरनेट व मोबाइल) से दिए हुए लालच में न आएं और कोई भी अनजान वेबसाइट व अन्य लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपने अकाउंट नंबर, ओटीपी व पासवर्ड समेत आधार नंबर, ईमेल आईडी अन्य किसी भी तरह की निजी जानकारी साझा न करें।
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