कठुआ। कथाव्यास पीयूष महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा से ही जीव का कल्याण है। वह शहर की कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री महाकालेश्वर शिवदुर्गा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ पर बोले रहे थे।
उन्होंने कहा कि जहां भागवत कथा का गुणगान होता है, वहां प्रभु खुद दर्शन देते हैं। श्रीमद्भागवत कथा में हमें भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व कल्याण के लिए जो संदेश दिया है, उसकी आज समाज को जरूरत है। हमें हमेशा प्रभु सिमरन के साथ जोड़कर जीवन व्यतीत करना चाहिए।
सोमवार को कथा से पूर्व मंदिर परिसर में पूजन के बाद शुरू होने वाली कथा के दौरान कथाव्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं, अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय होता है। इसके श्रवण मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है। उन्होंने कहा कि नारद जी ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद्भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान हरिद्वार में किया था। जहां संतकुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया। इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत मुनि से योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। भगवान विष्णु कहते हैं कि जो मेरी कथा कहता और करवाता है, उसके इस लोक के सभी कष्टों का वह हरण करते हैं और अंत में उसे बैकुंठ में वास मिलता है।