फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: कलशयात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। शहर के वार्ड 17 स्थित शिव मंदिर में सोमवार को श्रीमद्भगवत कथा से पूर्व भव्य कलशयात्रा का आयोजन किया गया। बैंडबाजे के साथ निकाली गई इस कलशयात्रा में शामिल भक्तों ने मंदिर परिसर से कलशों के साथ यात्रा निकाली।
विज्ञापन

कथाव्यास अश्विनी शास्त्री की अगुवाई में निकाली गई कलशयात्रा में शामिल भक्तों ने शहर की प्राचीन बावलियों के जल से कलशों को भरा। यहां से वे वापस कथा स्थल पर पहुंचे, जहां भगवान श्री गणेश के आह्वान के साथ पुराहितों की ओर से किए जा रहे मंत्रोच्चारण के साथ कलशों की स्थापना की गई। इसके बाद कथा का शुभारंभ हुआ।
श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथाव्यास ने कहा कि विश्व में सभी कथाओं में श्रीमद्भागवत कथा सर्वश्रेष्ठ है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वह तीर्थ स्थल बन जाता है। कथा का आयोजन करने और इसके श्रवण करने का सौभाग्य उसी को प्राप्त होता है, जिस पर प्रभु की कृपा होती है। कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य कई पापों से मुक्ति पा लेता है, इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यह कथा भगवान श्रीकृष्ण के मुख की वाणी है, जिसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध का प्रसंग है। लिहाजा इसके सुनने से मनुष्य बुराई त्याग कर धर्म के रास्ते पर चलने के साथ-साथ मोक्ष को प्राप्त करता है। शास्त्री ने बताया कि इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उनके अंदर तक्षक नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्यु का भय दूर हुआ और उन्होंने मोक्ष को प्राप्त किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें