मालभाड़ा और यात्री किराया बढ़ाए जाने की मांग पर ट्रांसपोर्ट यूनियन के आह्वान पर हुई हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। इस दौरान जम्मू-कठुआ रूट पर चलने वाली करीब 300 बसों के पहिए जाम रहे। बस सेवा पूरी तरह से ठप रहने से लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वही जिला के बिलावर, बसोहली और बनी से भी चलने वाली बस सेवा भी पूरी तरह से ठप रही। वाहनों की कमी के चलते अपने गंतव्य को जाने के लिए लोग परेशान देखे गए।
हड़ताल से बनने वाली स्थिति से निपटने के लिए एसआरटीसी ने भी जम्मू से लखनपुर रूट पर अपनी 20 बसें उतारी थीं लेकिन यात्रियों की संख्या को देखते हुए वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुईं। लोगों को खचाखच भरी बसों के सहारे जम्मू पहुंचना पड़ा। वहीं मिनी बसों और आटों यूनियनों ने भी इस हड़ताल को अपना समर्थन देते हुए सड़क पर अपने वाहन नहीं उतारे, जिसके चलते बाजारों में भी रौनक न के बराबर ही रही।
जम्मू-कठुुआ रूट पर बस सेवा न चलने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों के साथ मिनी बसों और आटो की सेवाएं न होने के कारण लोगों को अपने निजी वाहनों या लिफ्ट का सहारा लेना पड़ा। जम्मू-कठुआ बस सर्विस के महाप्रबंधक रछपाल सिंह ने बताया कि हड़ताल के बाद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के साथ जम्मू में यूनियन की बैठक हुई, जिसमें ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने यूनियन की मांग पर विचार करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। इसके बाद हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। वीरवार से सभी यात्री वाहनों की सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी। उन्होंने हड़ताल को प्रभावी बनाने में मिनी बस यूनियनों और आटो यूनियनों का अभी आभार जताया है।