कोरोना वायरस का टीका लगाते वक्त कोई कमी न रह जाए, इसके लिए बुधवार को जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया। बिना वैक्सीन और सुई के कर्मचारियों को सांकेतिक रूप से टीका लगाया गया। 25 स्वास्थ्य कर्मचारी इस अभ्यास में शामिल हुए। जिसमें एक वैक्सीनेटर अधिकारी और चार वैक्सीनेशन अधिकारियों ने अभियान को अंजाम दिया।
जीएमसी कठुआ की प्रधानाचार्य डॉ अंजलि नादिर भट्ट, जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. चित्रा वैष्णवी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी की देखरेख में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और टीकाकरण विभाग की ओर से जारी निर्देश में काम किया गया। सांकेतिक टीकाकरण को यूएनडीपी की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रश्मि ने मॉनिटर किया। कोविड 19 टीकाकरण की गाइडलाइन के अनुसार एक वेटिंग, एक वैक्सीनेशन और एक आर्ब्जवेशन रूम तैयार किया गया है।
बताया कि अभियान का मकसद कोविड ऐप पर सूची के अनुसार टीका लगवाने वाले लोगों को पंजीकृत करने, इंटरनेट की उपलब्धता और टीकाकरण के विभिन्न चरणों की जांच और मॉनिटरिंग रहा है। प्रक्रिया के तहत कोल्ड स्टोर से आइसबॉक्स में खाली वैक्सीन वॉइल लाई गई, जिसके बाद कर्मचारी का सूची और पोर्टल से मिलान किया गया। बिना सुई की सिरिंज से कर्मचारी के बाजू पर सांकेतिक टीका लगाया। अंत में 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में रखने पर उनसे लक्षण आदि पर भी नियमित पूछताछ की गई।
सीएमओ कठुआ डॉ अशोक चौधरी ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश अनुसार जिले में जीएमसी कठुआ समेत पीएचसी डिंगा अंब और सीएचसी बसोहली में आठ जनवरी को ड्राई रन किया जाएगा। बुधवार को जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में किए गए अभियान में टीका लगाने से पहले व्यवस्थाओं को परखने के लिए अभ्यास किया है।