- दो पूर्व मंत्रियों और एक पूर्व विधान परिषद सदस्य के साथ-साथ एक पूर्व विधायक का सूपड़ा साफ
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले की छह विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने दस साल बाद एक बार फिर अपना डंका बजा दिया है। अनुछेद 370 की समाप्ति के बाद जिले में भाजपा की यह बड़ी जीत है।
कठुआ, जसरोटा, हीरानगर, बसोहली और बिलावर में भाजपा के प्रत्याशियों ने भारी मतों से जीत हासिल की, जबकि बनी में निर्दलीय डॉ. रामेश्वर ने बाजी मारी है। कठुआ में जनता ने जहां दो पूर्व मंत्रियों और एक पूर्व विधान परिषद सदस्य के साथ-साथ एक पूर्व विधायक का सूपड़ा साफ कर दिया है। वहीं राजनीति में नए चेहरों को खुले दिल से स्वीकारा है। इससे जिले में राजनीति की एक नई पौध भी सिंचित हुई है।
दूसरी बार कठुआ जिले से पांच विधानसभा सीटें भारतीय जनता पार्टी की झोली में गिरी हैं। कुल मिलाकर अनुछेद 370 के बाद हुए इन विधानसभा चुनाव में जनता ने कम लोकप्रिय और जनता से दूरी बनाए रखने वाले नेताओं को सिरे से नकार दिया है। पक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर से जिन नेताओं की जनता से दूरी बनी रही उनकी हार देखने को मिली है। इस हार के बाद कई दिग्गजों का राजनीतिक सफर भी अंत की ओर बढ़ गया है। हारे हुए नेताओं में से कुछ तो ऐसे हैं जिन्हें जनता ने एक बार नहीं दो दो बार पटकनी दे दी है।
कठुआ विकास के नए मॉडल को जनता ने स्वीकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी को एक बार फिर जिले में सबसे बड़े दल के रूप में सामने लाया है। जिले में बड़े पैमाने पर हुए औद्योगीकरण के साथ-साथ विकास की बड़ी परियोजनाओं को तरजीह देते हुए भाजपा के प्रत्याशियों को भारी बहुमत हासिल हुआ है। विशेषज्ञों की मानें तो बनी में प्रत्याशी को लेकर नाराजगी के बीच भाजपा नया चेहरा उतारती तो शायद छठी सीट भी भाजपा के खाते में होती।