संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 10 में स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है। वीरवार को बारिश के बावजूद कथा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। पांचवें दिन कथा के दौरान भगवत भूषण दादू दयाल शास्त्री महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया और इनका अर्थ बताया।
उन्होंने श्रीकृष्ण की माखन चोरी की लीला का गहन अर्थ समझाते हुए बताया कि भगवान कृष्ण तन रूपी मटकी से मन रूपी माखन चुराते थे। अर्थात माखन चोरी की लीला का मुख्य उद्देश्य अज्ञानता को दूर कर ज्ञान की प्राप्ति करवाना था। इस लीला के माध्यम से भगवान कृष्ण ने गोपी रूपी जीवों को अज्ञानता से मुक्त कर ज्ञान का प्रसाद दिया। जब कोई व्यक्ति शुद्ध हृदय से भगवान को समर्पण करता है तो श्रीकृष्ण प्रेम और करुणा से उसका कल्याण करते हैं। उनकी शरण में जाने से अज्ञानता और दुख से मुक्ति मिलती है और परमानंद की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान गोवर्धन धारण और छप्पन भोग की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं।