कठुआ। शहर से सटी लोगेट पंचायत में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा के चौथे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान प्रस्तुत की गई भगवान के बाल रूप की झांकी ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
कथा व्यास राम स्वरूप आचार्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की आधी रात को मथुरा के कारागार में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्ण अवतार धारण किया तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिव जी भी उनकी लीलाओं के साक्षी बने थे। उन्होंने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता भी वहां अवश्य आते हैं और भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लेते हैं।