सर्दी के मौसम की आहट से ही पहाड़ी इलाकों में सीजनल तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। एक तरफ जहां ग्रामीणों ने खाद्य सामग्री समेत अन्य रोजमर्रा जरूरत के सामान का भंडारण शुरू कर दिया है।
दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में तो लोगों ने हर मुश्किल से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सर्दी के मौसम में कठुआ जिले की बनी तहसील के दर्जनों इलाकों में बर्फबारी का कहर टूटता है।
वहीं बिलावर के पहाड़ी इलाके मच्छेडी और लोहाई मल्हार में भी बर्फबारी का मौसम मुश्किलों भरा रहता है। बर्फबारी की आफत आने पर बनी में सबसे ज्यादा परेशानी कोटी चंडियार, नुकनाली माता, भंडार, रोलका, संदरून, सरथल व सटे इलाकों में बर्फबारी से खासी मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं।
पिछले साल इन तमाम इलाकों में हुई बर्फबारी से लोगों का जीना मुहाल हो गया था। उस समय एक तरफ जहां खाने पीने के सामान की कमी ने समस्या बढ़ाई तो दूसरी तरफ लगभग तीन महीने तक लगातार गुल रही बिजली ने परेशानियों को सातवें आसमान पर पहंचा दिया था।
तीन महीने की लंबी मियाद तक बनी तहसील मुख्यालय तमाम सुदूरवर्ती इलाकों से लगातार कटा रहा। इसी अनुभव को देखते हुए इस सीजन में प्रशासन और आम ग्रामीणों ने समय से पूर्व ही आपात स्थितियों के लिए इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। लोगों के साथ मवेशियों के चारे का भी भंडारण किया जा रहा है।
एसडीएम बनी मोहम्मद अनवर वांडे के अनुसार मौसम की चुनौतियाें को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से फील्ड में कार्यरत सरकारी अमले को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
पंचायती नुमाइंदाें और अन्य सरकारी कर्मचारियों से कहा गया है कि वह ग्रामीणों को पहाड़ों के निचले इलाकों में जाने से मना करें। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े कर्मचारियों को भी एलर्ट किया जा चुका है।