कठुआ। नगरी ब्लॉक के पंचायत घर खोख्याल में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई) की जानकारी दी गई।
बागवानी विभाग के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और जिला नोडल अधिकारी ने इसमें कई किसानों, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों और किसान उत्पादक संगठनों को आमंत्रित किया। उन्हें जिले में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य मौजूदा व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। यह योजना वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण और अन्य सहयोग सेवाएं प्रदान करती है, जिससे इन इकाइयों को अपने बुनियादी ढांचे को उन्नत करने, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करने और नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलती है।
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, ग्रेडिंग और विपणन निरीक्षकों ने प्रतिभागियों को फलों और सब्जियों के प्रसंस्करण के लिए इस योजना का लाभ उठाने की सलाह दी, क्योंकि खोख्याल क्लस्टर जिले का प्रमुख फल और सब्जी उत्पादक क्षेत्र है।
कार्यशाला में पंचायतों के प्रतिनिधि, कृषि, बागवानी, फूलों की खेती और मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अलावा संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधियों ने भी अनुभव बांटे।