बनी से भंडार सड़क बीते एक हफ़्ते से पूरी तरह बंद है, जिससे क्षेत्र की सात पंचायतों की लगभग 15 से 20 हज़ार की आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप है और हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
दरअसल, सेवा बांध किनारे सड़क का एक हिस्सा भूस्खलन के चलते पूरी तरह से खत्म हो गया है। प्रशासन की ओर से सड़क बहाली के प्रयास जारी हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन ने राहत कार्यों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मशीनें और कर्मी मौके पर तैनात हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों में मलबा हटाने और स्थायित्व बहाल करने में समय लग रहा है।
पूर्व सरपंच सुशील कुमार ने बताया कि सड़क को पूरी तरह बहाल करने में कम से कम दो महीने का समय लग सकता है। उन्होंने कहा इस सड़क पर पूरा इलाका निर्भर है। इसके बंद होने से लोगों को अस्पताल, स्कूल, बाज़ार और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने में भारी दिक्कतें हो रही हैं।
स्थानीय लोगों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि इलाके के विकास और आपदा प्रबंधन के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए, ताकि लंबे समय से प्रभावित जनता को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंद होने से न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि आर्थिक गतिविधियां भी पूरी तरह ठप हो गई हैं। दिहाड़ी मज़दूरों की रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि बहाली कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ।