कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तेजदार हथियारों से हत्या के प्रयास मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है। आदेश के अनुसार, केवल बीमारी या वृद्धावस्था के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती है। कहा है कि जब तक यह साबित न हो जाए कि आरोपी का जेल में रहना उसके जीवन के लिए खतरा बन सकता है, केवल उसी स्थिति में जमानत पर विचार किया जा सकता है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दलीप सिंह पुत्र गुरमुख सिंह और जरनैल सिंह पुत्र दलीप सिंह दोनों निवासी रख होशियारी पर आरोप है कि उन्होंने बीते 13 जुलाई को गुरमीत सिंह और अन्य लोगों पर तेजदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। मामला सकता चक राजबाग इलाके का है जहां शिकायतकर्ता अन्य लोगों के साथ खेतों में काम कर रहा था। इसी बीच आरोपी दलीप सिंह और उसका बेटा जरलैल सिंह व अन्य आरोपियों के साथ मिल कर तलवारों, बेसबॉल और लाठियों से शिकायकर्ता और अन्य लोगों पर हमला कर दिया। इसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल गए। आरोपियों के वकील ने कोर्ट में 26 जुलाई को अर्जी देकर उनकी जमानत की मांग की थी।
आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि उसके मुव्वकिल निर्दोष हैं और मामले में अभियुक्त दलीप सिंह 70 वर्ष से अधिक उम्र का है। कहा कि आरोपी लंबे समय से उच्च रक्तचाप बीमारी से पीड़ित है। वकील ने दावा किया कि पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और अब उनसे कोई बरामदगी नहीं होनी है। लिहाजा उन्हें जमानत देने की अपील की गई। इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि मामले में अभी जांच जारी है। वहीं, आरोपियों द्वारा किया अपराध जघन्य है और अभी भी अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में अगर इनको जमानत दी जाती है तो वह अभियोजन पक्ष को गवाहों को प्रभावित करने की पूरी संभावना है।