कला तब मिलती है जब इंसान स्वयं को उसमें खो देता है। यानी कला को खोजने की कला का आसान तरीका यह है कि स्वयं को खो दीजिए तो कला मिलेगी।
यह बातें रविवार को तीसरे बसोहली उत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा। उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि बसोहली मानचित्र पर एक क्षेत्र नहीं इतिहास की किताबों का हिस्सा नहीं बल्कि कला, संस्कृति से जुड़े लोगों का उर्जा क्षेत्र है। उन लोगों का जिन्होंने अपने शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण स्वयं को खोकर कला को पाने में लगा दिया था। कहा कि बसोहली कला में पूर्णिमा की उज्ज्वला है, संस्कृति की उमंग है। बसोहली संस्कृति की सरिता और वीणा भी है। बसोहली एक काव्य है, बसोहली धर्म का प्रकाश, बसोहली कला की समस्त संभावनाओं का साकार रूप है।
उपराज्यपाल ने कहा कि यह हमारी संस्कृति का भविष्य और नियति भी है। ऐसे कला संस्कृतियों का एकत्रीकरण करके सांस्कृति पुनर्जागरण और विकसित भारत में भी योगदान देना है। उन्होंने कहा कि वो पेड़ ऊंचा जाता है जिसकी जड़े नीचे गहराई तक हों। कहा कि हमें स्वर्णिम भविष्य के लिए अपनी जड़ों की गहराई को पहचानना होगा। अतीत में जीना नहीं उससे जुड़ना होगा।
इतिहास की बात वहीं कर सकता है, जिसका इतिहास भी भव्य रहा हो। उन्होंने यूरोप और अमेरिका की सभ्यता के बारे में बताया और कहा कि ग्रीक की सभ्यता भारत के बाहर विकसित तीन हजार वर्ष पुरानी है लेकिन लेकिन उससे पहले भारत की संस्कृति सभ्यता थी। जब विदेशों में लोग पाषाण युग में थे हमारे पूर्वजों ने संस्कृति और अपनी छाप दुनिया भर में छोड़ दी थी। इससे पहले बसोहली उत्सव पर एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। वहीं उपराज्यपाल ने चार पुस्तकों का विमोचक भी किया।
बसोहली में पर्यटन विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे निवेशक
बसोहली विधायक ठाकुर दर्शन सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर और विशेष रूप से बसोहली एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कला संस्कृति का महानगर बनकर उभरेगा। दर्शन सिंह ने कहा कि तीसरे बसोहली उत्सव के मौके पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बसोहली पहुंचे। निवेशकों की बैठक में सौ से ज्यादा निवेशक पर्यटन रिसेप्शन सेंटर में आए थे। कई ने होटल, क्रूज आदि में निवेश को लेकर रुचि दिखाई है। यह बसोहली में पर्यटन विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा की बसोहली उत्सव को वैश्विक और राष्ट्रीय उत्सव बनाने को लेकर जो प्रयास उपराज्यपाल के नेतृत्व में हुए हैं वो बेहतरीन हैं। पांच सौ करोड़ से विकसित किए जाने वाले प्रदेश के नौ पर्यटन स्थलों में बसोहली को शामिल करने से यहां रोजगार के भी नए आयाम खुलेंगे।
बसोहली में तालाब के पास लगाई गई प्रदर्शनी
बसोहली उत्सव के दौरान प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें देश भर की रामलीलाओं की झलकियां प्रस्तुत की गई इसके अलावा लोक कला और लोक संस्कृतियों की झलक भी प्रदर्शनी में देखने को मिली। ऐतिहासिक तालाब के पास हस्तशिल्प और हथकरघा की प्रदर्शनी ने भी लोगों को आकर्षित किया। खास तौर से प्रदर्शनी ने युवाओं को देश की संस्कृति की झलक दिखाई।
उपराज्यपाल को भेंट की गई बसोहली चित्रकला
तीसरे बसोहली उत्सव के अवसर पर रामलीला क्लब बसोहली और स्वर्णकार संघ की ओर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को बसोहली चित्रकला की एक विशेष पेंटिंग भेंट की गई। यह चित्रकला स्वर्गीय महेश शर्मा (पूर्व विधायक) के पुत्र और विश्व प्रसिद्ध चित्रकार रघु व्यास द्वारा तैयार की गई है। स्वर्णकार संघ के प्रधान दीपक कपूर ने बताया कि यह पेंटिंग पारंपरिक शैली में विशेष तकनीक से बनाई गई है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बसोहली कला की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बसोहली को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए जो 500 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया गया है, वह लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग थी और अब जाकर उसे मान्यता मिली है। इस अवसर पर रामलीला क्लब के सरपरस्त सुदर्शन चौहान, प्रधान चंद्रशेखर बसोत्रा, और उप प्रधान वेद प्रकाश फंदा भी उपस्थित रहे।