सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर चंदा एकत्रित करते स्कूली बच्चेसंवाद
कठुआ। जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस जोशोखरोश के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। युद्ध में अक्षम हुए सैनिकों, वीर नारियों और शहीदों के परिवारों की देखभाल की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के पदाधिकारियों ने उपायुक्त (डीसी) कठुआ राजेश शर्मा को ध्वज लगाकर की। इसके बाद जिला और क्षेत्रीय अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विद्यार्थियों व पूर्व सैनिकों ने ध्वज लगाया गया और उनसे झंडा दिवस कोष के लिए दान एकत्र किया गया।
फंड जुटाने की इस पहल में स्कूली बच्चे, पूर्व सैनिक और जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी शामिल रहे। दिन भर दान एकत्र कर अक्षम सैनिकों, वीर नारियों और शहीदों के परिवारों की देखभाल के लिए योगदान दिया गया।
इस मौके पर जिला सैनिक वेलफेयर बोर्ड के कर्नल जगमीत सिंह चहल ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस वर्ष 1949 से प्रतिवर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन सशस्त्र बलों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है और नागरिकों में राष्ट्रवाद व देशभक्ति की भावना को प्रबल करता है। साथ ही यह सशस्त्र कर्मियों और देशवासियों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करता है।
कर्नल चहल ने कहा कि झंडा दिवस प्रत्येक नागरिक को यह अवसर देता है कि वे युद्ध में अक्षम हुए सैनिकों, वीर नारियों और शहीदों के परिवारों की देखभाल, पुनर्वास और वित्तीय सहायता के लिए अपना स्वैच्छिक योगदान दें। यह दिन नागरिकों की देश के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।