शनिवार को जिला अस्पताल कठुआ में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि आरबीएसके की टीम ने ही गोविंदसर और औद्योगिक क्षेत्र से सटे इलाकों में पचास से अधिक बच्चों को चिंह्ति किया था।
जिसमें अधिक विकृति के रहस्यमय बीमारी से जूझ रहे 15 बच्चों की बाकायदा स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल कठुआ के शिशु रोग विशेषज्ञ से जांच भी करवाई थी। ऐसे में बैठक के दौरान एक बार फिर मुद्दा उठा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बसंत कुमार शर्मा सहित विभिन्न ब्लाक के अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बीएमओ परोल से गोविंदसर और आसपास के इलाके के बच्चों की विस्तृत जानकारी ली।
इस दौरान अधिकारियों को हर प्रभावित बच्चे की सही से पहचान करने और इलाज के लिए सामने लाने की हिदायत जारी की गई। उधर स्वास्थ्य विभाग ने रहस्यमय तरीके से विभिन्न शारीरिक अक्षमताओं से जूझ रहे बच्चों का सोमवार को जिला अस्पताल सहित राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू में जांच और इलाज करवाने की तैयारी कर ली है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बसंत कुमार शर्मा ने बताया कि चिन्हित बच्चों की बीमारी का सही से पता लगाने के लिए जांच अत्याधिक जरूरी है।
शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा विभिन्न विकृतियों से जूझ रहे डाक्टरों को अलग अलग विशेषज्ञों को दिखाए जाने की सलाह दी है जिसे देखते हुए कुछ बच्चों को सोमवार जीएमसी जम्मू में न्यूरोलाजिस्ट के पास ले जाया जाएगा। यहीं इनकी जांच करने के साथ नमूने भी लिए जाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जिला के विभिन्न बच्चों को पहले भी इलाज करवाया गया है। गोविंदसर का मामला चिंताजनक और इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।