नई दिल्ली स्थित केंद्रीय राज्यमंत्री के आवास पर डॉ. जितेंद्र सिंह को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत
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कठुआ। जम्मू कश्मीर क्षेत्र की समस्याओं से केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह को रूबरू कराने के लिए नगरोटा पंचायत के सरपंच बिक्की शर्मा ने भेंट की। नई दिल्ली स्थित केंद्रीयमंत्री के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे सरपंच ने समस्याओं का निदान करने के की मांग रखी।
बिक्की शर्मा ने केंद्रीय राज्य मंत्री के समक्ष ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न हुई घरों और व्यवसायिक संस्थानों के नक्शे पास कराने के लिए निदेशक कार्यालय का चक्कर लगाने की समस्या को उठाते हुए कहा कि पूर्व में उक्त अधिकार पंचायतों के अधीन ही था। जिसे वापस पंचायतों में ही लाया जाए, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग न तो इतने जागरूक हैं और न ही इतने सुविधा संपन्न की अपने इस कार्य के लिए निदेशक कार्यालय का चक्कर लगा सकें। इसके अलावा उन्होंने जिला में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए फंड में जिला प्रशासन द्वारा धांधली किए जाने का शक जाहिर करते हुए इसकी जांच कराए जाने की मांग रखी। सरपंच ने राष्ट्रीय राजमार्ग से बुद्धि गांव को जाने वाली मार्ग पर पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास या फ्लाईओवर की सुविधा दिए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि कंडी क्षेत्र के आधा दर्जन गांव को जाने वाले इस मार्ग पर क्रॉसिंग बंद होने के कारण लगने वाला जाम आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। जिस पर तत्काल प्रभाव से संज्ञान लिए जाने की जरूरत है। उन्होंने घाटी स्थित औद्योगिक क्षेत्र से बुद्धि में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र की इंटर कनेक्टिविटी के लिए प्रबंध करने के साथ-साथ कंडी क्षेत्र में बनने वाले ड्राई पोर्ट से भी इसे जोड़ने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से क्षेत्र में जहां विकास होगा, वहीं लोगों को राहत भी मिलेगी। सरपंच ने इन दिनों सरकार द्वारा जमीन वापस लिए जाने का मुद्दा केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से किसानों में भय का माहौल है। लिहाजा इस पर भी संज्ञान लिए जाने की जरूरत है।
वहीं केंद्रीय मंत्री ने सरपंच द्वारा उठाई गई सभी मांगों पर गौर किए जाने के साथ कहा कि प्रशासन द्वारा जमीन वापसी के लिए ली जा रही कार्रवाई न्यायालय के निर्देश पर है। इसमें सरकार का कोई भी दखल नहीं है। लेकिन जनसमस्याओं से जुड़ा मामला है और न्यायालय के आदेश के बाद हो रहा है। लिहाजा वह इस पर एक जनप्रतिनिधि होने के नाते कानूनी रूप से जो संभव हो सकेगा वह अवश्य करेंगे।