कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग के मार्गदर्शन से वर्ष 2022-23 में 250 बैग से शुरू की सफेद बटन मशरूम की खेती शुरू की
महिला किसान अनीता देवी मशरूम उद्यमी के साथ बनी आत्मनिर्भर
कठुआ। हीरानगर ब्लॉक के सन्याल गांव की अनीता देवी ने मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है। गृहिणी के रूप में कृषि कार्यों में पति के साथ सहयोग करने वाली अनीता देवी ने मशरूम उत्पादन जुड़कर न केवल आत्मनिर्भर बनी है, बल्कि कई अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ चुकी है।
कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग के मार्गदर्शन से वर्ष 2022-23 में उन्होंने 250 बैग से सफेद बटन मशरूम की खेती शुरू की और 7.6 क्विंटल उत्पादन कर 70 हजार रुपये शुद्ध लाभ अर्जित किया। अगले ही वर्ष 2023-24 में उन्होंने 1000 बैग लगाए और 32.2 क्विंटल उत्पादन कर 3.86 लाख रुपये प्राप्त किया, जिससे उन्हें 2.96 लाख का लाभ हुआ। मौजूदा समय में वह आत्मनिर्भर नारी सशक्तिकरण महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। वहीं, उनकी सफलता से प्रेरित होकर 25 से 30 महिलाएं भी मशरूम उत्पादन से जुड़ चुकी हैं।
अनीता देवी ने वर्ष 2024-25 के लिए 3 हजार बैग लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और मशरूम क्रांति को गति मिलेगी। इसके अतिरिक्त वह वर्मी कम्पोस्ट, औषधीय पौधों, डेयरी फार्मिंग, हाइब्रिड सब्जियों की पौध तैयार करने और अचार निर्माण जैसे विविध कृषि कार्यों में भी सक्रिय हैं।
इस बारे में कृषि विभाग के महिला सहायता ग्रुप की नोडल अधिकारी पूजा अंदोत्रा ने बताया कि अनीता देवी की मेहनत और समर्पण को देखते हुए उनके विभाग ने जिला कैपेक्स बजट 2022-23 के तहत 75 हजार रुपये की सब्सिडी पर 25x16x12 आकार का मशरूम शेड प्रदान किया है।