22.65 करोड़ खर्च होने पर भी निर्माण कार्य अधूरा
1731 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई करने की थी योजना
कठुआ। खोख्याल चेक डैम के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए सिंचाई विभाग ने 13 करोड़ की अतिरिक्त परियोजना तैयार की है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द सरकार को सौंपी जाएगी।
पिछले 15 साल से अधर में चेक डैम का काम अधर में है। अब तक निर्माण कार्य में 22.65 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो चुकी है। केंद्र सरकार ने इसके लिए कुल 25 करोड़ की राशि मंजूर की थी। वर्तमान में तैयार हुई डीपीआर के मुताबिक बरसात में कठुआ नाले में आई बाढ़ से डैम के दोनों तरफ बनाए बांध क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अब पानी को मोड़ने के लिए खोख्याल गांव के पास डैम के बाईं तरफ बेला नाले पर आरसीसी से बांध तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा स्लूस रेगुलेटरी गेट की मरम्मत सहित अन्य यांत्रिक कार्यों को पूरा करने की योजना बनाई गई। परियोजना के तहत 10 साल पहले सिंचाई के लिए बनाई गई 4900 मीटर लंबी बरमोरी नहर भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसका मरम्मत कार्य इसी डीपीआर से करवाया जाएगा।
बता दें कि वजूह नाले पर बनने वाले चेक डैम बनने का काम साल 2009 में शुरू हुआ था। इस परियोजना के पूरा होने पर लगभग 1731 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई करने की योजना है। इसका निर्माण कार्य तीन साल के भीतर पूरा होना था। मगर बांध का काम 70 प्रतिशत पूरा होने के बाद विभाग से उचित भूमि मुआवजा नहीं मिलने पर निर्माण कार्य रोकना पड़ा। इसके बाद विभाग और किसानों के बीच भूमि मुआवजे का समाधान निकालने में भी समय लग गया। 2015 के बाद विभाग ने एक संशोधित विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग को भेजी, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने इसे मानने से इन्कार कर दिया। संवाद
ब्लॉक दिवस में लोगों ने चेक डैम का काम पूरा करने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद मौके पर मौजूद उपायुक्त के आदेशानुसार ही डैम के शेष कार्य को पूरा करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है। अब यह जल्द सरकार को सौंपी जाएगी।
-राजीव कुमार, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग