हीरानगर में आयोजित सरकार के 12 साल के कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते केंद्रीय मंत्री डॉ जितें
शहीद को दूसरे बलिदानी दिवस पर किया गया याद, दी गई भावभीनी श्रदांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। हीरानगर के मेला गांव में दो वर्ष पूर्व आतंकियों द्वारा शहीद अमरजीत शर्मा की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को उनके दूसरे शहादत दिवस पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सहित स्थानीय विधायक विजय शर्मा और अन्य गणमान्य लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमरजीत शर्मा ने आतंकियों के आगे झुकने के बजाय सर्वोच्च बलिदान देकर न केवल देशवासियों को प्रेरित किया बल्कि इलाके में बढ़ रही आतंकी गतिविधियों को लेकर सेना और सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क और सजग किया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उस समय कश्मीर में आतंकियों पर सेना के भारी दबाव के चलते आतंकियों ने शांतिपूर्ण कंड़ी इलाके को अपने नापाक इरादों के लिए चुना, लेकिन शहीद अमरजीत शर्मा ने आतंकियों से लोह लेते हुए अपने जान की कुर्बानी दे दी।
उन्होंने कहा कि यह धरती हमेशा ही शूरवीरों की धरती रही है। इलाके के सैंकड़ों जवानों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में भाजपा सहित गैर राजनीतिक संगठनों के नेता और प्रतिनिधियों ने शहीद स्मारक पर पहुंच कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मौके पर स्थानीय विधायक विजय शर्मा ने कहा कि उनके बलिदान को लोग कभी नहीं भूल सकते।
बता दें, 9 जून 2024 की रात घर से खाना खाकर बाहर निकले अमरजीत अचानक लापता हो गए थे। आतंकियों ने कुछ ही दूरी पर उनकी गला रेतकर हत्या कर दी थी। ऐसा अंदेशा है कि पाकिस्तान से घुसपैठ के बाद इलाके में छिपे आतंकियों का सामना अमरजीत से हो गया था। इसके दो दिन बाद सुरक्षाबलों ने पास के गांव में दो पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर कर दिया था। मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष उपदेश अंडोत्रा सहित भाजपा के कई बड़े नेता मौजूद रहे।