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Kathua News: उपमुख्यमंत्री के छापों के बाद अवैध खनन पर कार्रवाई शुरू

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जिला खनन अ​धिकारी टीम सहित स्टोन क्रॅशरों की जांच करते हुए
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- जिला खनन अधिकारी बोले-जुर्माना भी लगेगा और बिल चुकता किए बिना चल रहे क्रशरों की बिजली काटने की अनुशंसा की जाएगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। उपमुख्यमंत्री के छापे के बाद रावी दरिया में दिन और रात धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन और चल रहे स्टोन क्रशरों पर आखिरकार खनन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारी का दावा है कि अब जुर्माना भी लगेगा और बिना बिल बिल चुकता किए चलने वाले स्टोन क्रशरों की बिजली भी काटी जाएगी।
लेकिन यह अवैध रूप से कैसे चल रहे हैं फिलहाल इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सोमवार को जिला खनन अधिकारी ने गंडियाल इलाके में दबिश दी। यहां स्टोन क्रशरों से दस्तावेज तलब किए गए। एक-एक कर विभिन्न स्टोन क्रशरों की जांच के दौरान वहां पड़ी निर्माण सामग्री को भी जांचा गया। इन क्रशरों की खामियों को नोट करते चले गए अधिकारी ने साफ किया है थोड़ा समय लगेगा, सब जगह कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि एक ए फार्म के सहारे तीन-चार बार चल रहे वाहनों को पकड़ने के लिए रात के समय विभाग के पास कोई साधन नहीं है। यह पुलिस को देखना है हालांकि यह भी कहा कि पुलिस सहयोग करती है। कोशिश की जा रही है और आगे भी अवैध खनन करने वालों को पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली के ओवरड्यू बिल के साथ चल रहे स्टोन क्रशरों को की बिजली काटने के लिए अनुशंसा की जाएगी।
लेकिन जिले में अवैध खनन का खेल नया नहीं है। वर्ष 2019 में तत्कालीन डीसी. डॉ राघव लंगर ने जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन का भंडाफोड़ किया था। उन्होंने स्टोन क्रशरों की ओर से इस्तेमाल की गई बिजली, तैयार किए गए माल और अनुमति का आकलन किया तो हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए। जिसके आधार पर कई स्टोन क्रशरों को करोड़ों रुपये का जुर्माना भी किया गया था। प्रशासन ने बीते वर्ष कई अवैध स्टोन क्रशरों को बंद करने की सूची जारी की। लेकिन इसकी अगली कार्रवाई में अन्य अवैध क्रशरों पर कार्रवाई नहीं की गई।
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रावी दरिया और उज्ज दरिया के हालात सबसे बदतर

जिले में अवैध खनन का धंधा नया नहीं है। कई जगह माइनिंग लीज समाप्त होने के बाद भी धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है। रावी दरिया और उज्ज दरिया के हालात सबसे बदतर हैं। लेकिन जिले का कोई भी नाला और नदी अवैध खनन से अछूता नहीं है। हालात यह हैं कि उत्तरभारत के विभिन्न राज्यों में खनन सामग्री की भारी मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने और तय नियमों से कहीं गुणा अधिक खनन कठुआ में विभिन्न विभागों की नाक तले चल रहा है। पुलिस और प्रशासन की कमान हाथ में न होने का मलाल उपमुख्यमंत्री भी अपने कठुआ दौरे के दौरान बयां कर गए। उन्होंने दो टूक कहा कि इसका उपराज्यपाल को भी संज्ञान लेना चाहिए। रोजाना बड़े पैमाने पर रात के समय निर्माण सामग्री का अवैध परिवहन शहर समेत हाईवे और लिंक मार्गेों से होना अपने अपने में एक सवाल है।
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