कॉलेज भवन के दो कक्षों में संचालित होते हैं प्रशासनिक कार्य, अब नई इमारत में होगा विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। गिरधारी लाल डोगरा मेमोरियल कॉलेज (जीडीसी) हीरानगर को जल्द ही अपना अलग प्रशासनिक ब्लॉक मिलने जा रहा है। कॉलेज में नए प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण के लिए सरकार ने लगभग दो करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी है। इस परियोजना के तहत कॉलेज परिसर में एक मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों के संचालन में बड़ा सुधार आएगा।
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक ब्लॉक निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपी गई है। फिलहाल विभाग भवन के लिए आर्किटेक्चरल कंसल्टेंसी और डिजाइन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में जुटा हुआ है। तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, जीडीसी हीरानगर की स्थापना 2005 में हुई थी, जबकि कॉलेज को अपनी स्थायी इमारत 2008 में प्राप्त हुई। इसके बावजूद पिछले लगभग दो दशकों से प्रशासनिक कार्य सीमित संसाधनों के बीच एक-दो कक्षों में संचालित किए जा रहे थे। बढ़ती जरूरतों को देखते हुए गत वर्ष कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग को अलग प्रशासनिक ब्लॉक निर्माण का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, नई इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर प्रशासनिक ब्लॉक स्थापित किया जाएगा, जबकि ऊपरी मंजिल पर आधुनिक सभागार (ऑडिटोरियम) का निर्माण किया जाएगा। इससे कॉलेज में प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि नए प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण से विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा कार्यालयी कार्यों का संचालन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से हो सकेगा। सूत्रों के अनुसार, परियोजना के निर्माण कार्य को पूरा करने में करीब एक वर्ष का समय लग सकता है।
वर्जन
जीडीसी कॉलेज में प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग की ओर से आर्किटेक्चरल कंसल्टेंसी ली जा रही है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले माह से निर्माण कार्य आरंभ हो सकता है। - मोहम्मद कबीर, सहायक कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग