शिक्षा मंत्रालय के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए जिला के कई निजी ट्यूशन सेंटरों में सरकारी शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कठुआ शहर के विभिन्न गलियों और नुक्कड़ों पर कई शिक्षकों ने ट्यूशन को ही अपना मुख्य पेशा बना लिया है।
स्थानीय निवासी राहुल शर्मा, रजनीश कुमार, मोहन सिंह, विरेंद्र आदि ने कहा कि शिक्षा का यह गोरखधंधा बच्चों के भविष्य के लिए भी खतरा है।
स्कूलों में शिक्षक जहां खानापूर्ति करते हैं वहीं बच्चों को ट्यूशन सेंटर में आने का लालच दिया जाता है। ऐसे में बच्चों को परीक्षाओं के बेहतर तैयारी की आड़ में अभिभावकों से मोटी उगाही की जा रही है।
सरकारी शिक्षक ही निजी ट्यूशन सेंटरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा योजना अधिकारी अरुणा शर्मा ने कहा कि शिक्षा निदेशालय की ओर आदेश है कि सरकारी शिक्षक निजी ट्यूशन सेंटरों में न पढ़ाएं।
विभाग जल्द कमेटियों गठित करेगा, जो जिला भर में निजी ट्यूशन सेंटरों पर नजर रखेंगी। औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे। यदि कोई सरकारी शिक्षक निजी ट्यूशन सेंटर में सेवाएं देता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।