स्नान के बाद किया पूजन, भगवान सत्यनारायण की कथा का किया श्रवण
बिलावर। वैसाख अमावस्या के उपलक्ष्य पर गुप्त गंगा गुरुनाल और इलाके से बहने वाली अलग-अलग नदियों में रविवार को लोगों ने स्नान किया। रविवार सुबह से ही लोग गुप्त गंगा गुरुनाल में आना शुरू हो गए और यह सिलसिला दोपहर तक जारी रहा।
श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पूजन किया। मान्यता है कि वैसाख अमावस्या पर स्नान करने से देवता प्रसन्न होते हैं। भक्तों ने भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण किया और परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की और पुरोहितों को दान दिया। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा पाठ किया जाता है। इससे पितृदोष से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए अमावस्या पर स्नान और दान अवश्य करना चाहिए। संवाद