चॉपर से घायलों को किया गया एयरलिफ्टसंवाद
कठुआ। जंगलोट के बागड़ा में आपदा की जानकारी शासन को मिलने के बाद भी मदद देरी से पहुंच पाई। सड़क संपर्क पूरी तरह से भंग हो गए तो वहीं कच्चे रास्ते भी बाढ़ की चपेट में आ गए। ऐसे में जंगलोट से स्थानीय लोग सबसे पहले मदद के लिए पहुंचे। बागड़ा में बादल फटने से पूरी तरह से जमींदोज हुए मकान में दबकर मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटा बुरी तरह से घायल था। उसे उपचार के लिए जीएमसी में भर्ती करवाया गया है।
मौके पर सबसे पहले पहुंचे युवाओं ने बताया कि उन्हें बागड़ा तक पहुंचने में ही तीन घंटे का समय लग गया। हालात खराब थे और रास्ता पूरी तरह से बंद था। मौके पर तीन मकान पूरी तरह से खत्म हो चुके थे। वहीं दो गाय और भैंस भी दबकर मर गए। बताया कि आपदा ने हंसते-खेलते परिवार को बिखेर कर रख दिया। लगभग दोपहर एक बजे एनडीआरएफ की टीमें भी राहत बचाव कार्य के लिए जंगलोट पहुंचीं। इसके बाद उन्हें घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।