जिले के बसोहली स्थित घोडल गांव में रविवार रात भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान ढह गया। मलबे में दबकर सात वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे ने अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बसोहली के घोडल गांव में परस राम का परिवार रविवार रात कच्चे मकान में ही था। इसी दौरान बारिश से उनका मकान ढह गया। परिवार के अन्य लोग तो सुरक्षित निकल गए लेकिन रेशमा मलबे में दब गई। जब तक उसे निकाला गया, उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लोग मौके पर पहुंचे। पूछताछ के साथ मामले की जांच शुरू कर दी। परस राम का परिवार हादसे से गहरे सदमे में है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में कच्चे मकान जर्जर हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यह खतरा गांव के अन्य लोगों पर भी मंडरा रहा है। जिले के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन से पहले ही सैंकड़ों घर बर्बाद हो चुके हैं। बारिश थमने के बाद भी कच्चे आशियाने सुरक्षित नहीं है।
बसोहली थाना प्रभारी त्रिभुवन खजूरिया ने बताया कि मलबे में दबने से एक बच्ची की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि इलाके में राहत पुर्नवास कार्य जोरों पर हैं। आपदा से प्रभावित महानपुर और बसोहली के बीच सड़क संपर्क को भी बहाल करने के लिए काम जारी है।