हीरानगर। हीरानगर कस्बे से होते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से हाईवे को जोड़ने वाली सड़क पर मिनी स्टेडियम के नजदीक नए पुल का काम जल्द शुरू होगा और जून में लोगों को यह समर्पित कर दिया जाएगा। कई वर्षों से लोग इस पुल को बनाने की मांग कर रहे हैं। 2019 में चुनावों से पहले इसका शिलान्यास किया गया लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। शुक्रवार को सॉइल टेस्टिंग का काम शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार पुल के निर्माण का काम भी जल्द शुरू हो जाएगा।
दरअसल यहां पुराने पुल की चौड़ाई कम होने के कारण दो वाहन एक साथ नहीं गुजर सकते हैं, जिसकी वजह से अक्सर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। पिछले करीब 20 वर्षों से भी अधिक समय से लोग इस पुल के विस्तारीकरण की मांग कर रहे हैं। कई बार राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों ने इस मांग को लेकर धरने प्रदर्शन भी किए। 2019 में लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले लोगों ने इस मांग को जोर-शोर से उठाया। जिसके बाद पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने नया पुल बनाने का आश्वासन देते हुए उसका नीव पत्थर रखा। इसके निर्माण के लिए टेंडर हुआ लेकिन कुछ तकनीकी खराबी की वजह से टेंडर रद्द हो गया। अब फिर से टेंडर होने के बाद इसे बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जेकेपीसीसी की ओर से यह निर्माण कार्य कराया जाएगा, जिसे गुप्ता एंड गुप्ताज नामक कंपनी पूरा करेगी।
-------------------------------------------------------------------
यातायात बढ़ने से कस्बे में बढ़ेगा व्यापार
नए पुल के बनने से लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा, तो इसी के साथ कस्बे में यातायात बढ़ने से व्यापार भी बढ़ेगा। व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीरज गुप्ता ने कहा कि पुराने पुल पर जाम की वजह से लोग वैकल्पिक रूट को अपनाते हैं। इस पुल के निर्माण के बाद सीमावर्ती गांवों के लोग हाईवे तक पहुंचने के लिए इसी रूट का प्रयोग करेंगे। जाहिर सी बात है इस रूट पर यातायात बढ़ने से कस्बे में व्यापार भी बढ़ेगा। इसके लिए हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने लोगों की परेशानी को समझते हुए नए पुल के निर्माण के लिए पैसे जारी किए।
--------------------------------------------------------------------
ढाई करोड़ की लागत से बनेगा पुल
पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्माण का कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। करीब 40 मीटर लंबे और साढ़े बारह फुट चौड़े पुल का निर्माण ढाई करोड़ की लागत से होगा और मुमकिन है कि जून तक तैयार हो जाएगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं होगी और अधिकारियों की निगरानी में यह कार्य चलेगा। -------- ज्योतिका संब्याल, एईई, जेकेपीसीसी।