कठुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क बनने का सपना फिलहाल पूरा होता नहीं दिख रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पांच सौ और उससे कम की आबादी वाले मोहड़ों को इस साल तक सड़क संपर्क देने के लिए की गई कवायद पूरी नहीं हो पाई है।
आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल के अंत तक भी आठ सौ से अधिक मोहड़ों को बिना सड़क संपर्क के ही रहना पड़ेगा। वहीं कई ऐसे संपर्क मार्ग भी हैं, जिन्हे अपग्रेड करने में विभाग को चार साल से अधिक का समय भी लग गया है और काम अभी तक जारी है। पूरे जिले में 1409 मोहड़ों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इनमें से कुछ में पहले से ही सड़क की सुविधा थी। आठ सौ से ज्यादा मोहड़ों को 2013 तक सड़क से जोड़ने का दावा किया था। लेकिन, इसे सरकार की उदासीनता कहें या अधिकारियों का उपेक्षापूर्ण रवैया कि अब तक ये मोहड़े सड़क के लिए तरस रहे हैं।
आकंड़ों के अनुसार बसोहली ब्लाक में सबसे अधिक 253 मोहडे़ संपर्क के लिए तरस रहे हैं। इसके बाद लोहाई मल्हार, बिलावर, बनी, बरनोटी का नंबर आता है। जहां सौ से अधिक मोहड़े सड़क संपर्क की बाट जोह रहे हैं। अधिकारी अक्सर ही कुछ न कुछ बहाना बनाकर काम में देरी के लिए अपनी जिम्मेदारी से बच निकलता है। जरूरत इस बात की है कि सरकार इस मामले की जांच करवाकर काम को जल्दी पूरा करवाए।