कठुआ। किराया बढ़ोतरी की मांग को लेकर ट्रांसपोर्टरों की एक दिवसीय हड़ताल ने दिनभर सामान्य जनजीवन को थामे रखा। हड़ताल के एलान पर अमल करते हुए बड़े यात्री वाहनों से लेकर छोटे परिवहन वाहनों के पहिए थमे रहे। सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर निजी यात्री वाहनों की मौजूदगी नदारद रही। इस दौरान यात्री दिनभर परेशानियों से जूझने को मजबूर रहे।
सोमवार को बसों से लेकर मिनी बस, ऑटो रिक्शा और टैक्सी वाहनों की सेवाएं बंद रही। जिला मुख्यालय से सटे रूटों से लेकर जिले के दूरदराज इलाकों में भी लोगाें को एक स्थान से दूसरे स्थान लाने और ले जाने का काम करने वाले करीब दो हजार वाहनों के पहियों पर ब्रेक लगी रही। कठुआ जिला मुख्यालय से अलग अलग रूटों पर चलने वाली मिनी बसें सोमवार को नहीं चलीं। कमोबेश यही हाल जम्मू कठुआ समेत अन्य रूटों पर चलने वाली बसों का रहा। निजी टैक्सी वाहन और ऑटो रिक्शा भी अपने-अपने स्टैंड से नहीं हिले।
किराया वृद्धि की मांग को लेकर तमाम परिवहन वाहनों के मालिकों ने एका दिखाते हुए सरकार पर दबाव बनाया। हड़ताल को सफल करार देते हुए ऑल जम्मू एंड कश्मीर ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सरदार हरमोहिंदर सिंह ने बताया कि सरकार के साथ पहले भी बातचीत का दौर चला है। महंगाई की मार झेल रहे ट्रांसपोर्टर तबके ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ दो टूक बात की थी, जिसमें उन्हें किराया वृद्धि को लेकर भरोसा दिलाया गया। अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है, जिसे देखते हुए सांकेतिक विरोध के रूप में एक दिवसीय हड़ताल रखनी पड़ी। भविष्य में भी यदि सरकार ने फैसले पर अमल नहीं किया तो प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर विरोध तेज किया जा सकता है।