बिलावर। तहसील के सरपंचों और पंचों ने सरकार को धमकी दी है कि यदि संविधान के 73वें संशोधन को प्रदेश में लागू नही किया गया, तो वह आगामी एमएलसी चुनाव का बहिष्कार करेंगेे। यहीं नहीं यदि पंचायतों को पंचायती राज एक्ट के तहत पूर्ण अधिकार नहीं दिए गए, तो वह अपनी-अपनी पंचायतों में समानांतर सेल्फ सरकार स्थापित करेंगे। इस संबंध में तहसील के सरपंचों और पंचों की एक बैठक डडबारा के सरपंच एडवोकेट जितेंद्र सिंह भड़वाल के नेतृत्व में हुई। इसमें वक्ताओं ने प्रदेश सरकार विशेष तौर से मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि वह प्रदेश में पंचायती राज एक्ट को पूरी तरह से लागू करने में आनाकानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरपंच और पंच कई सालों से पंचायतों को पूर्ण अधिकार देने और प्रदेश में 73वें संविधान संशोधन को लागू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके। लेकिन सरकार नहीं चाहती कि पंचायतों को उनके अधिकार मिले। यहीं वजह है कि किसी न किसी बहाने से पंचायतों को उनके अधिकार से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 3 दिसंबर को होने वाले एमएलसी चुनाव से पहले संविधान के 73वें संशोधन को लागू नहीं किया गया और पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार नहीं दिए गए, तो तहसील के सरपंच और पंच इस चुनाव का बहिष्कार कर देंगे। बैठक में सरपंच गोपाल दास, बुद्धि सिंह, जगदेव सिंह, बेलीराम, त्रिलोचन सिंह, कालीदास, नदीम अहमद, रमेश चंद्र, सुरेंद्र कुमार, कर्ण सिंह आदि उपस्थित थे।