हीरानगर। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर क्षेत्र के पानसर, रठुआ और पहाड़पुर क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के दिन पाक रेंजरों द्वारा गोलीबारी किये जाने के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी ग्रामीण दहशत में रहे। दरअसल, आठ दिन के भीतर इस क्षेत्र में में दूसरी बार सीजफायर का उल्लघंन किया गया।
वीरवार को गोलीबारी के दौरान खेत में फंसे सीमा से सटे गांव रठुआ के किसान मुश्किल से अपनी जान बचाकर वापस तो आ गया, लेकिन अब किसी किसान की हिम्मत खेत में जाने की नहीं हो रही है। गोलीबारी का खौफ हर चेहरे पर व्याप्त है। जो किसान गोलीबारी के दौरान खेत में फंसा था, उसने कहा कि वह अब खेतों में काम करने नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पाक रेंजर अब सीमा पर रहने वाली सिविल लोगों को भी निशाना बनाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि जब उनके ऊपर से गोलियों की बौछार हो रही थी, तब यह सोच लिया था कि बच घर वापस जाना मुश्किल है। पर क्षेत्र में तैनात बीएसएफ के जवानों ने बख्तरबंद गाड़ियों में गोलीबारी के बीच उन्हें वहां से निकला। पानसर क्षेत्र में हुई गोलीबारी की दूसरी घटना के बाद क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी सीमा पर तनाव साफ देखा जा सकता है। किसानों ने तारबंदी के आगे अपनी भूमि पर खेती करने जाने से मना कर दिया है। सीमांत ग्रामीणों को अब दिन-रात यही डर सताने लगा है कि पता नहीं कब गोलीबारी शुरू हो जाये और उनकों कभी भी यहां से पलायन करना पड़ सकता है। सीमांत लोगों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगीं है।