कठुआ/हीरानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मतदाताओं में भारी जोश देखने को मिला। पाकिस्तान की गोलाबारी से प्रभावित हीरानगर सेक्टर के ग्रामीणों में सुबह से ही मतदान को लेकर जोश दिखा। बाद दोपहर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का मेला लगा रहा। खामोश मतदाताओं ने ईवीएम का बटन दबाकर आतंकवाद और पाकिस्तान की नापाक हरकतों का जवाब दिया। सीमावर्ती लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए लोकतंत्र के सबसे बड़े माध्यम वोट को हथियार बनाकर चोट की गई। लोगों का यह वोट सुरक्षा, विकास और उज्जवल भविष्य के लिए रहा। अंतराष्ट्रीय सीमा पर मतदान से पूर्व ही आतंकियों की घुसपैठ की आशंका को लेकर लगातार इनपुट जारी होते रहे, लेकिन मतदाताओं के कदम नहीं रुके। हीरानगर विधानसभा क्षेत्र में बंपर मतदान हुआ। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ मतदान किया।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बोबिया, भगवाने चक और चकड़ा के हाई स्कूल में बने मतदान केंद्र पर लंबी-लंबी कतार लगी रहीं। लोगों का बस एक ही कहना था कि उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सरकारी आईं और चली गईं लेकिन बार्डर के लोगों के हालात नहीं बदले हैं। पाकिस्तानी गोलाबारी का फ्रंटलाइन पर बिना हथियार सामाना करने वाले लोगों की समस्याओं को नुमाइंदों को गंभीरता से लेना होगा।