वार्षिक स्थानांतरण अभियान के तहत होंगे तबादले
कठुआ। जिले में वार्षिक स्थानांतकरण प्रक्रिया के तहत तबादलों की सूची बनकर तैयार है। शिक्षकों के तबादले की तैयारी पूरी कर ली गई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इसी सप्ताह तबादला सूची जारी कर दी जाएगी।
विभाग का दावा है कि पारदर्शी तरीके से सूची तैयार की गई है। दरअसल, शैक्षणिक सत्र की शुरूआत में ही हर साल तबादलों को लेकर सरकार की ओर से प्रावधान रखा गया है। वार्षिक स्थानांतरण अभियान को लेकर पहले से ही आवेदन करने वाले शिक्षकों के अलावा, लंबे समय से एक ही जगह पर टिके हुए शिक्षकों के भी तबादलों की नीति तैयार की जाती है। खास तौर से इस नीति का मकसद सरप्लस शिक्षकों वाले स्कूल से इन्हें तबादला कर कम शिक्षकों वाले स्कूल में तैनाती भी है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी राजीव अबराेल ने बताया कि स्थानांतरण पूरी तरह से पारदर्शी किया जाएगा। सूची तैयार कर ली गई हैं और अगले कुछ ही दिनों में जारी कर दी जाएगी। बताया कि लगभग छह सौ शिक्षकों जनरल लाइन शिक्षकों के तबादले किए जाने प्रस्तावित हैं। इसमें उनके जोन भी बदले जाएंगे। जोन दो और तीन में सात साल से अधिक कार्यकाल की अवधि पूरी करने वाले शिक्षकों को सूची में शामिल किया गया है। जोन का निर्धारण इनकी मुख्यालय से दूरी पर निर्भर है। दूर दराज इलाकों में जहां शिक्षकों की फिर भी कमी होगी, वहां बंद पड़े या विलय किए गए स्कूलों से सरप्लस शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
विधायकों की भी जमकर चल रही सिफारिशें
लंबे समय से ब्यूरोक्रेसी के चलते अपनी मनवांछित तबादले न करवा पाने वाले शिक्षक नई तबादला सूची से खासी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस बार विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों की ओर से भी डीओ लेटर थोक के भाव बांटे जाने की जानकारी सामने आई है। अपने चहेतों को मनचाही पोस्टिंग के लिए जमकर सिफारिशें भी सामने आई हैं।
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विवादों में रही है तबादला नीति
यूं तो शिक्षा विभाग की तबादला नीति हमेशा ही विवादों में रही है। लेकिन कठुआ जिलाा तबादलों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। 2018 में जहां मुख्य शिक्षा अधिकारी को प्रतिबंध के बावजूद तबादले करने पर पद से हटा दिया गया था वहीं 2020 में चहेतों को लाभ देने के लिए तबादलों के आरोप में मुख्य शिक्षा को निलंबित कर दिया गया था।
बीते साल मांगे गए थे आवेदन, चुनावों के चलते टल गए थे तबादले
शिक्षा विभाग की ओर से कुछ वर्ष पूर्व किए गए तबादलों की सूची में सामने आया था कि कई शिक्षक 14 साल से एक ही जगह तैनात थे। ऐसे में बीते साल विभाग ने तीन साल का कार्यकाल एक ही शिक्षण संस्थान में पूरा करने वाले शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। प्रक्रिया को आगे भी बढ़ाया गया लेकिन आदर्श आचार संहिता के चलते तबादलों पर न तो अंतिम प्रक्रिया हो पाई और न ही मुहर लग पाई।