स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले चरण के पल्स पोलियो अभियान के तहत जिला भर में 75 प्रतिशत नौनिहालों ने पोलियो की दवा पी। जिला के पांच ब्लाकों में दिनभर अभियान चलाया गया और पांच वर्ष की उम्र तक के बच्चों को इस अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई गई।
मुख्य कार्यक्रम जिला अस्पताल में आयोजित किया गया। जिसमें जिला उपायुक्त ने नन्हें बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई और सभी को इस अभियान के तहत जुड़ने का आहवान किया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस बार जिला भर में 93 हजार बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जानी थी। पहले चरण में 68,077 बच्चे इस दवा को पी पाए हैं।
उन्होंने बताया कि अगले दो दिन तक दूसरे चरण के तहत घर-घर जाकर बचे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कुल 563 बूथों पर अभियान चलाया गया।
इनमें 11 ट्रांजिट कैंप भी थे, जिनमें बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। शाम को विभिन्न ब्लाकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बनी में सबसे अधिक 84 प्रतिशत बच्चों को कवर किया जा सका।
वहीं हीरानगर में सबसे कम 66प्रतिशत बच्चों को कवर किया जा सका है। ऐसे में अब सोमवार और मंगलवार को बचे हुए 24,923 बच्चों को कवर किया जाएगा।
इस बार पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन के साथ साथ विभिन्न स्थानों पर 11 ट्रांजिट टीमों को तैनात किया गया था। इसके साथ ही एक मानीटरिंग कमेटी भी गठित की गई थी, जिसे हल पल की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही थी।